रक्षाबंधन पर्व के इस खास दिन पर अपने परिजनों से मिलने दूर-दराज से डासना जेल पहुंची बहनों और महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का मसूरी थाना पुलिस ने अनूठा ख्याल रखा,खाकी के पीछे एक संवेदनशील इंसान भी धड़कता है
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर



भाई-बहन के पवित्र पावन पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर गाजियाबाद के डासना जिला कारागार में एक बेहद मानवीय और संवेदनशील पहल देखने को मिली। पर्व के इस खास दिन पर अपने परिजनों से मिलने दूर-दराज से जेल पहुंची बहनों और महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का मसूरी थाना पुलिस ने अनूठा ख्याल रखा। त्योहार की भीड़भाड़ और उमस भरे मौसम के बीच जेल परिसर में पहुंची महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए थाना मसूरी पुलिस टीम ने विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। पुलिसकर्मियों ने कतार में खड़ी महिलाओं और उनके साथ आए छोटे बच्चों को व्यवस्थित तरीके से जेल में निरुद्ध उनके परिजनों से मिलवाने की पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाया। मिलन के इस भावुक पलों के दौरान पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए दिव्यांग महिलाओं को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई । पुलिस के इस सहयोगात्मक और आत्मीय व्यवहार ने न सिर्फ प्रशासनिक और जनता के बीच की दूरियों को कम किया, बल्कि यह साबित कर दिया कि खाकी के पीछे एक संवेदनशील इंसान भी धड़कता है।त्योहार के इस पावन अवसर पर मसूरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस कर्मियों ने सड़क पर सफर कर रहीं महिलाओं, युवतियों और छोटे बच्चों को रोककर उन्हें स्नेहपूर्वक पीने का पानी और चिप्स के पैकेट आदि वितरित किए। त्योहार के दिन अपनों से मिलने की आस लेकर पहुंचे परिजनों के चेहरों पर मसूरी पुलिस के इस सराहनीय प्रयास से मुस्कान बिखर गई। हर तरफ पुलिस टीम की इस संवेदनशीलता और जनहितैषी कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।











