बिजली के तार एवं खंबे में करंट की चपेट में आने से पांच गोवंशों की दर्दनाक मौत विद्युत विभाग की लापरवाही,अधिकारियों को सूचना देने पर भी जरूरी नहीं समझा आना।
संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर
बिजली विभाग की लापरवाही से करंट लगने से पांच गोवंश की दर्दनाक मौत विजयनगर के सुंदरपुरी साइड के ग्राउंड में साई पैलेस के ठीक सामने ग्राउंड में वहां पर हुआ है बड़ा हादसा। स्थानीय लोगों से वार्तालाप कर खबरों के दंगल दैनिक पत्रिका लखनऊ एवंम दैनिक चक्र के संवाददाता पवन सूर्यवंशी द्वारा। घटना का साक्ष्य किया। पुराने विद्युत विभाग के कर जो टूटे-फूटे क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।मौसम खराब होने की वजह से खंबे अवतार में आए करंट से दो नंदी महाराज तीन गौ माता करंट की चपेट में। आसपास की घटना में आप देख सकते हैं कहीं ना कहीं नगर निगम जिला प्रवाही भी इसमें शामिल है। आसपास कचरा होने के कारण गोवंश एवं लोग वहां कूड़ा बिन के लिए भी आ जाते हैं यह तो शुक्र है कि कोई इंसानी मौत नहीं हुई। कूड़ा पीने वाले वहां पर आवाज आता रहता ही है। गाजियाबाद के ऐसे कई बिंदु है जिन पर शासन और प्रशासन दोनों ही कार्रवाई करने में असमर्थ हैं या फिर मोहन धारण कर कर ये अंधा कानून बने हुए हैं। अभी तो पशुओं की हत्या हुई है। अब देखना है शासन और प्रशासन क्या एक्शन लेते हैं। एक तरफ उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ जी को माता के संरक्षण के लिए अनेको गौशाला भी दिया जाता है ।लेकिन उन्ही के अधिकारी उनके प्रोटोकॉल की झज्जर उड़ाते हुए दिखे हैं।क्या कोई बड़ी घटना का आगाज होने का देख रहे हैं मूकवर्क बनकर। यह घटना इतनी दर्दनाक थी आसपास के स्थानीय लोगों के द्वारा बताया गया काफी दिन से विद्युत परिसर में पहले भी शिकायत दी है लोगों का कहना है कि घरों के तार जुड़वाने हो 500 से ₹700 दो तो तुरंत आ जाएंगे तार जोड़ने के लिए लाइनमैन। एक बड़ा सवाल यह है की आखिरकार घटना का उत्तरदायित्व कौन है। स्थानीय लोगों में आक्रोश पाया गया जैसे-तैसे करके गाजियाबाद विजय नगर पुलिस द्वारा लोगों को आश्वासन दिया गया। आगे ऐसी कोई घटना घटित ना हो उसके लिए। लिखित रूप संगठन द्वारा FIR दी गई। दोषी के खिलाफ में पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई करने का लोगों को आश्वासन दिया है। मजे की बात तो यह है। पुलिस द्वारा एवं स्थानीय नागरिक मानव अधिकार एवं मीडिया के भी माध्यम से एसडीएम साहब जई सब को सूचना दी। गई लेकिन 4 से 5 घंटे तक। स्पोर्ट पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। क्योंकि पशु है ना साहब, उनके बदले अगर इंसान भी होते तो क्या इनका नजरिया यही होता। मौके पर पशु विभाग द्वारा औपचारिक रूप से उनका पंचनामा भर।पुलिस द्वारा बुलडोजर से गड्ढा को दबाकर एवं लोगों को समझ कर गोवंशों को अंतिम विदाई की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। दमकल कर्मी की गाड़ी भी चौकी इंचार्ज और थाना विजय नगर इंचार्ज श्रीमान धर्मपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। लोगों का कहना है कि गोवंसो पर राजनीति करते दिखे अन्य संगठन के लोग। अब देखना यह है विद्युत विभाग पश्चिमांचल की नींद खुलती है या नहीं या फिर एक और बड़े हादसे के लिए विजयनगर क्षेत्र तैयार रहे। स्थानीय लोगों का कहना है। के अपराधिकारी इस बात को कृपया संज्ञान में ले ताकि आने वाले वक्त में कोई बड़ा हादसा ना हो लोगों ने लगाई है सरकार से गुहार।












