उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर, आकाशीय बिजली और बारिश से 11 की मौत, फसलों को भारी नुकसान

उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर, आकाशीय बिजली और बारिश से 11 की मौत, फसलों को भारी नुकसान

संवाददाता बिपिन मिश्रा

​लखनऊ / उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने के कारण राज्य में अब तक 11 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। खराब मौसम ने न केवल जानमाल का नुकसान किया है, बल्कि किसानों की कमर भी तोड़ दी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिजली गिरने (वज्रपात) से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा, बारिश से संबंधित अन्य हादसों में 2 अन्य लोगों ने अपनी जान गंवाई है। सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा और झांसी समेत कई जिलों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई। खेतों में खड़ी तैयार फसलों को इससे काफी नुकसान पहुँचा है, जिससे किसान बेहद चिंतित हैं। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते पारा अचानक नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग के अनुसार, औसत तापमान में 12.4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है। ​मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों में भी कुछ इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि
​खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
​बिजली कड़कने के समय पेड़ों या खंभों के नीचे शरण न लें।
​किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। यह प्राकृतिक आपदा किसानों के लिए दोहरी मार लेकर आई है, जहाँ एक तरफ ओलों ने फसलों को बर्बाद किया है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश ने कटाई के सीजन को प्रभावित कर दिया है।

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