तीस दिनों की इबादत का तोहफा है ईदुलफित्र
संवाददाता बृजेंद्र शर्मा 
कुंडा /प्रतापगढ़ बाघराय थाना अंतर्गत बिहार बाजार के देवर पट्टी ईदगाह में नमाजे ईदुलफित्र अदा की गई बिहार में बड़े हर्षोल्लाह से मनाया गया ईद‑उल‑फितर इस्लाम धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है. ईदुल फितर इस पर्व को मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार रमजान के पाक महीने रमजान उल मुबारक के खत्म होने पर मनाया जाता है. शनिवार को खुशी और भाईचारे का पर्व ईद-उल-फितर बड़े उत्साह के साथ मनाया गया. ईद को लोग मस्जिदों में नमाज़ अदा किए और देश दुनिया में अमन चैन की दुआ की गई और लोग एक दूसरे से, गले मिलते हैं और एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं. मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ के समय पहले ही तय कर दिए जाते हैं. ईद के दिन की शुरुआत खास नमाज़ से हुई है, जिसे ‘ईद की नमाज़’ कहा जाता है.
दरअसल, मुस्लिम कैलेंडर का नौवां महीना, रमज़ान सबसे पवित्र महीना में से एक है, क्योंकि इसी महीने में पवित्र ग्रंथ कुरान नाज़िल हुआ था. रमज़ान के आखिर में ईद-उल-फितर पूरे माह पाबंदियों के साथ अल्लाह की इबादत का जश्न मनाया जाता है इस दिन दोस्त और परिवार के लोग मिलकर दावत करते हैं और एक-दूसरे को तोहफे देते है बिहार ईदगाह में हाज़ी आफताब अहमद खान नसीम खान हाफ़िज़ शाकिर रज़ा नूरी हाफ़िज़ अनवर लइक अहमद इरफान अहमद मोहम्मद उमर हाफिज दानिश रजा हाफिज एराज नातिक खान इकबाल अहमद खान ग़ालिब जाफरी नफ़ीश खान मोनिस खान नफीस मोहम्मद ज़ाकिर अनवर अली आदि लोग मौजूद रहे












