वन विभाग की लापरवाही से उजड़ रहा हरियाली का संसार, नौगढ़ रेंज में दो दर्जन से अधिक पेड़ों पर कुल्हाड़ी
संवाददाता श्याम नन्दन शुक्ला
सिद्धार्थ नगर
सिद्धार्थनगर जनपद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ सरकार की हरियाली बचाने की मुहिम को वन विभाग ही पलीता लगाता दिखाई दे रहा है। स्थिति ऐसी बन गई है कि “एक पेड़ – माँ के नाम” जैसे भावनात्मक स्लोगन भी खोखले साबित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, नौगढ रेंज के गजहड़ा क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर आम, शीशम और सागौन के दो दर्जन से अधिक हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस कटान को ‘परमिट’ बताकर अंजाम दिया गया, जबकि फलदार एवं बहुमूल्य वृक्षों पर परमिट जारी होना ही कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन माफिया सक्रिय रूप से फलदार और कीमती लकड़ी वाले पेड़ों की कटाई कर रहा है, लेकिन विभाग उनकी जगह आम नागरिकों पर ही कार्रवाई की बात करता है। जिम्मेदार अधिकारियों से पूछने पर केवल “केस काटने” की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
बड़े सवाल यह हैं—
आखिर फलदार और बहुमूल्य पेड़ों के परमिट कैसे जारी हो जाते हैं? वन माफियाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
हरे-भरे पेड़ काटने वाले असली दोषियों पर कब तक मेहरबानी बनी रहेगी?
गजहड़ा में हुई यह कटाई वन विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। अब देखना यह है कि विभाग इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई होती है या नहीं। नई हेडिंग के साथ पूरी खबर बनाए












