मा0 राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के सचिव (राहुल कश्यप) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर




(सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान एवं पुनर्वास को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश)
गौतम बुद्ध नगर 12 जनवरी, 2026मा0 राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव राहुल कश्यप आज जनपद गौतम बुद्ध नगर के भ्रमण पर पहुंचे। भ्रमण के दौरान उन्होंने सर्वप्रथम सेक्टर 63, सेक्टर 37 नोएडा तथा लीग्रैंड सोसाइटी सेक्टर 150 में संबंधित घटनास्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके उपरांत सचिव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान सचिव ने हाथ से मैला ढोने का कार्य प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि सभी अधिकारी इस अधिनियम का गहन अध्ययन कर अपने अपने कार्यक्षेत्र में इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मैनुअल स्कैवेंजिंग निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 (एमएस एक्ट-2013) के अंतर्गत 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान है, जिसका सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा कडाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सचिव ने स्पष्ट किया कि इस कानून का उद्देश्य केवल हाथ से मैला ढोने पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि सफाई कर्मियों को गरिमापूर्ण जीवन, सामाजिक सम्मान तथा सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है। सचिव ने निर्देश दिए कि जनपद में कार्यरत समस्त सफाई एजेंसियां एवं अनुबंधित कंपनियां अपने सभी सफाई कर्मियों का पूर्ण विवरण संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएं। इस विवरण में कर्मियों के उत्तराधिकारी, पारिवारिक स्थिति, बीमा, भविष्य निधि तथा कर्मचारी राज्य बीमा से संबंधित जानकारी अनिवार्य रूप से सम्मिलित हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी सफाई कर्मी को खतरनाक अथवा जीवन जोखिम वाले कार्यों में न लगाया जाए तथा सभी कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं। सचिव ने बताया कि सफाई कार्य हेतु आवश्यक आधुनिक उपकरणों की खरीद भारत सरकार की नमस्ते योजना के अंतर्गत की जा सकती है, जिससे सफाई कार्य को अधिक सुरक्षित, आधुनिक एवं प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहरी क्षेत्रों में सीवर एवं नालों की सफाई पूर्ण रूप से यांत्रिक माध्यमों से की जाए तथा किसी भी परिस्थिति में मैन्युअल सफाई न कराई जाए। इस संबंध में नगर निगम, विकास प्राधिकरण, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को पर्याप्त मशीनरी एवं संयंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सफाई से संबंधित शिकायतों के समाधान हेतु टोल फ्री नंबर 14420 के व्यापक प्रचार प्रसार के भी निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि सफाई कार्य के दौरान अब तक जिन कर्मियों की मृत्यु हुई है, उनके आश्रितों को मैनुअल स्कैवेंजिंग निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 (एमएस एक्ट-2013) के अंतर्गत 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सहित समस्त देय लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की अद्यतन रिपोर्ट तैयार कर आयोग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति के माध्यम से सफाई कर्मियों की कार्य परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त सचिव ने सुझाव दिया कि सभी नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मियों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मियों के लिए समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी एजेंसियों को नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिससे कर्मियों को आधुनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, गैस जांच प्रक्रिया एवं प्राथमिक उपचार की समुचित जानकारी प्राप्त हो सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ शिवाकांत द्विवेदी ने आश्वस्त किया कि सचिव द्वारा दिए गए समस्त दिशा निर्देशों का पूर्ण पालन कराया जाएगा तथा संबंधित विभागों के माध्यम से प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) सतीश कुमार, एसीपी ट्रैफिक पवन कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ संजीव कुमार, एडीओ दीपक चौहान सहित प्राधिकरण, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सौजन से, गौतम बुद्ध नगर।












