मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों में अपनी कार्यशैली में परिवर्तन लाएं अन्यथा ठेकेदार एवं इंजीनियर दोनों पर कार्यवाही होगी – संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह
संभाग आयुक्त एवं निगम आयुक्त द्वारा मार्ग चौड़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया।
संवाददाता संतोष यादव उज्जैन।
संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह द्वारा निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा के साथ नगर निगम के अधिकारियों एवं चौड़ीकरण कार्यों के ठेकेदारों एवं कंसल्टेंट की उपस्थिति में मार्ग चौड़ीकरण अंतर्गत टैगोर चौराहे से दो तालाब, गेल इंडिया से नीलगंगा चौराहा एवं मंछामन से हरी फाटक ब्रिज तक किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह द्वारा इंजीनियरों एवं संबंधित कार्य के ठेकेदारों को निर्देशित किया कि मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों को प्रमुखता से लिया जाए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी अपनी कार्यशैली में परिवर्तन लाएं अन्यथा संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार कार्यवाही के लिए तैयार रहे निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त एवं निगम आयुक्त द्वारा टैगोर चौराहा से दो तालाब तक के कार्यों का निरीक्षण किया गया जिसमें 9.68 करोड़ की लागत से 18 मीटर चौड़े रोड का निर्माण किया जा रहा है वर्तमान में ड्रेन का कार्य प्रचलित है, गेल इंडिया से केटीएम शोरूम होते हुए शांति नगर नीलगंगा चौराहा तक 2.76 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 40 करोड़ की लागत से 18 मीटर चौड़े रोड का निर्माण प्रचलित है साथ ही मंछामन से हरी फाटक ब्रिज तक नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत राशि रुपए 7.5 करोड़ की लागत से कार्य प्रचलित हैं संभाग आयुक्त श्री सिंह द्वारा निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा की गई साथ ही आश्वस्त किया कि जो परेशानी आप लोगों को हो रही है उसका समाधान किया जाएगा मार्ग चौड़ीकरण का कार्य सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए किया जा रहा है यातायात एवं आवागमन सुचारू होगा इसके लिए आप सभी शहर वासियों के सहयोग की आवश्यकता है इसलिए जिस प्रकार आप सभी के द्वारा मार्ग चौड़ीकरण के कार्य में आपने सहयोग किया है तो जिला प्रशासन एवं नगर निगम की भी जिम्मेदारी है कि कार्यों को गति देते हुए शीघ्र पूर्ण किया जाए, आपने निर्देशित किया कि संसाधन बढ़ाएं जाकर कार्य किया जाए जहां आवश्यकता लगे अतिरिक्त लेबर लगाई जाए एवं रात्रि में भी कार्य सतत रूप से जारी रहे जिन स्थलों पर कार्य चल रहा है वहां धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव किया जाए।












