रोहतक बार के अधिवक्ता नवीन सिंघल का लाइसेंस सस्पेंड यह आदेश की अनुशासन समिति (Disciplinary Committee) द्वारा दिया गया है।
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा।
विजेंद्र सिंह अहलावत (शिकायतकर्ता) बनाम नवीन कुमार सिंगल, अधिवक्ता, रोहतक (प्रतिवादी)। शिकायत के मुख्य आरोप शिकायत में कहा गया कि अधिवक्ता नवीन कुमार सिंगल ने—
1. कई व्हाट्सएप और सोशल मीडिया ग्रुपों में बार-बार झूठे, मनगढ़ंत और भ्रामक संदेश भेजे।
2. इन संदेशों के माध्यम से बार काउंसिल चुनाव को प्रभावित करने और मतदाताओं को गुमराह करने का प्रयास किया।
3. एक ऐसे FIR (No. 37/2015, पंचकुला) का उल्लेख “सक्रिय आपराधिक रिकॉर्ड” के रूप में किया, जिसे पहले ही द्वारा 12.01.2021 को रद्द (Quash) किया जा चुका था।
4. इससे एक अन्य अधिवक्ता उम्मीदवार की छवि खराब करने और चरित्र हनन का प्रयास किया गया।
5. शिकायत में यह भी कहा गया कि सिंगल पहले भी कई बार झूठे आरोप और विवाद खड़े कर चुके हैं तथा उनके खिलाफ पहले भी कार्यवाही हो चुकी है।
अनुशासन समिति की प्रारम्भिक राय
अनुशासन समिति ने प्रथम दृष्टया (prima facie) पाया कि मामला गंभीर पेशेवर कदाचा
र (gross professional misconduct) का प्रतीत होता है। आदेश
1. अधिवक्ता नवीन कुमार सिंगल का वकालत करने का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspend) कर दिया गया।
2. सभी न्यायालयों, ट्रिब्यूनलों और मंचों को इस निलंबन की सूचना देने का निर्देश दिया गया।
3. उन्हें नोटिस जारी किया गया और कहा गया कि वे भविष्य में ऐसे संदेश भेजने से तुरंत परहेज करें।
4. उन्हें 29.03.2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया।
5. मामले की अगली सुनवाई 02.04.2026 को शाम 4:30 बजे (हाइब्रिड मोड) में निर्धारित की गई।
संक्षेप में:
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की अनुशासन समिति ने सोशल मीडिया पर कथित झूठे और भ्रामक संदेश फैलाकर चुनाव को प्रभावित करने के आरोपों के आधार पर रोहतक के अधिवक्ता नवीन कुमार सिंगल का लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।












