सावधान! जहरीले रैटोल पेस्ट पर सरकार का कड़ा प्रहार, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री पर लगा तत्काल प्रतिबंध
संवाददाता बिपिन मिश्रा
लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार ने जनस्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अत्यंत घातक चूहानाशक उत्पादों विशेषकर येलो-व्हाइट फास्फोरस युक्त रैटोल पेस्ट की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की चेतावनी के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, येलो फास्फोरस एक अत्यंत विषैला और ज्वलनशील पदार्थ है। इसकी सबसे डरावनी बात यह है कि इसका कोई भी ज्ञात एंटीडोट (प्रतिविष) उपलब्ध नहीं है। अगर कोई व्यक्ति या जीव इसकी अल्प मात्रा का भी सेवन कर ले तो उसकी मृत्यु निश्चित मानी जाती है। यह देखा गया है कि ये अवैध कीटनाशक कई लोकप्रिय ई-कॉमर्स साइटों पर आसानी से उपलब्ध थे। सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि, सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स इन उत्पादों को अपनी लिस्ट से तुरंत हटाएं। कीटनाशक बेचने के लिए अब विक्रेता के पास संबंधित राज्य का वैध लाइसेंस होना अनिवार्य होगा। कीटनाशी अधिनियम-1968 के प्रावधानों के तहत, देश में केवल उन्हीं उत्पादों की बिक्री हो सकती है जो केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति में पंजीकृत हों। येलो-व्हाइट फास्फोरस (3% पेस्ट) आधिकारिक तौर पर अनुमोदित कीटनाशकों की सूची में शामिल नहीं है। अतः इसका भंडारण, निर्माण या विक्रय पूरी तरह अवैध है। सभी जिलों के जिला कृषि रक्षा अधिकारियों और कीटनाशी निरीक्षकों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कहीं भी इन प्रतिबंधित उत्पादों का भंडारण या बिक्री पाई जाती है, तो कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियमावली 1971 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यदि आपको अपने आसपास या किसी ऑनलाइन साइट पर यह उत्पाद बिकता दिखे, तो तुरंत स्थानीय कृषि विभाग को सूचित करें। आपकी सतर्कता किसी की जान बचा सकती है।












