पुष्कर में दिव्य महायज्ञ: 2000 ऋत्विगों की साधना और 27 करोड़ गायत्री मंत्रों से गूंजा आध्यात्मिक संगम
संवाददाता: आदित्य द्विवेदी, ऊंचाहार
ऊंचाहार/पुष्कर। राजस्थान की पावन तीर्थनगरी पुष्कर में एक अद्भुत और अलौकिक आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जहां पुष्कर पुरोहित संघ के तत्वावधान में यज्ञस्थल पर यज्ञशिरोमणि पूज्य स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के सानिध्य में भव्य गंगा आरती का दिव्य आयोजन किया गया। इस विशाल आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की भावपूर्ण उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जामय बना दिया। श्रद्धा, भक्ति और वेद मंत्रों की गूंज से पुष्कर की धरा आध्यात्मिक चेतना से सराबोर हो उठी।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि लगभग 2000 ऋत्विगों द्वारा एक साथ साधना की गई तथा 200 कुण्डों में यज्ञाग्नि प्रज्वलित कर वैदिक परंपरा का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 27 करोड़ गायत्री मंत्रों का महाजप कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की गई, जिसे अपने आप में एक अनूठा और ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के शमन, हिन्दू राष्ट्र निर्माण और विश्व कल्याण के संकल्प को साकार करना बताया गया। आयोजकों के अनुसार, कलियुग में इस प्रकार का भव्य महायज्ञ पहली बार आयोजित हो रहा है, जो सम्पूर्ण विश्व में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहा है।
ऐसे दिव्य और ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बनना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण अनुभव रहा।












