जनपद एटा में शहीद दिवस पर किसानों का आक्रोश: भ्रष्टाचार, शोषण और लूट के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
एटा। शहीद दिवस के अवसर पर किसानों, मजदूरों और नौजवानों ने देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भ्रष्टाचार, अत्याचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को नमन कर उनके जीवन और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से आम जनता आहत है, ऐसे में व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यापारी आपदा को अवसर में बदलकर गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी कर जनता को लूट रहे हैं। ऐसे व्यापारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एटा सदर तहसील सहित प्रदेश की विभिन्न तहसीलों में आयोजित कार्यक्रमों में किसानों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार सतीश को सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें उठाई गईं—
खतौनी की फर्द ₹15 के बजाय ₹20 में दिए जाने पर रोक लगाई जाए और निर्धारित शुल्क पर ही उपलब्ध कराई जाए।
खतौनी में गलत अंश दर्ज करने की शिकायतों की जांच कर सुधार कराया जाए। बैनामा अमलदरामद के नाम पर लेखपाल व तहसीलदार स्तर पर हो रही अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगे।
मृतक किसानों के वारिसों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। पक्की पैमाइश, हिस्सा प्रमाण पत्र, भूमि परमिशन, केसीसी बंधक एवं मुक्त कराने के नाम पर हो रही लूट को बंद किया जाए। तहसील परिसर में बंद किए गए मुख्य द्वार को खोलकर सुरक्षित लेनदेन की व्यवस्था बहाल की जाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव तेज सिंह वर्मा, प्रदेश महासचिव रघुवीर सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप अहीर, जिलाध्यक्ष अरविन्द शाक्य सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।












