एटा मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का बोलबाला: अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज परेशान, लापरवाही के गंभीर आरोप
संवादाता अमन अहमद।
एटा। जिला मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। यहां अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को 10-10 दिनों तक चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिला मरीजों को उठानी पड़ रही है, जो रोजाना उम्मीद लेकर आती हैं लेकिन निराश होकर लौट जाती हैं।मरीजों का आरोप है कि रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव मोदी लगातार ड्यूटी से नदारद रहते हैं, जिससे जांच कार्य ठप पड़ा रहता है। इतना ही नहीं, उनके ऊपर मेडिकोलीगल रिपोर्ट में पैसे लेकर गलत रिपोर्ट तैयार करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। जब कभी डॉ. मोदी आते भी हैं, तो सीमित मरीजों की ही जांच हो पाती है, जिससे बाकी मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि प्रिंसिपल और सीएमएस के आदेशों का भी पालन नहीं किया जा रहा। स्टाफ नर्स कविता द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा, अल्ट्रासाउंड कक्ष के कुछ कर्मचारियों पर पैसे लेकर जांच करने के आरोप भी लगे हैं। इस अव्यवस्था से नाराज मरीज मेडिकल कॉलेज प्रशासन को कोसते नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग लगातार तेज होती जा रही है।












