पुलिस के सुरक्षा तंत्र में हुआ बड़ा विस्तार: एसपी दीपक भूकर ने 17 नवीन ‘डायल-112’ वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना।
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा
प्रतापगढ । पुलिस लाइन, प्रतापगढ़ में जनपद की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (Emergency Response System) को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़, श्री दीपक भूकर द्वारा जनपद को प्राप्त 17 नवीन डायल-112 चार पहिया वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर श्री प्रशान्त राज, डायल-112 प्रभारी श्री दौलत यादव एवं प्रतिसार निरीक्षक श्री राजीव राय सहित अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।जनपद की भौगोलिक स्थिति और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए, इन वाहनों का आवंटन निम्नलिखित रणनीति के तहत किया गया है।पुराने वाहनों का प्रतिस्थापन: कुल 17 वाहनों में से 09 वाहन उन गाड़ियों के स्थान पर दिए गए हैं, जो अपनी निर्धारित समय सीमा पूर्ण कर ‘कंडम’ श्रेणी में आ चुकी थीं।अतिरिक्त बेड़े का विस्तार: 08 अतिरिक्त नवीन वाहन विशेष रूप से जनपद के संवेदनशील और महत्वपूर्ण थानों— देल्हूपुर, फतनपुर, कोतवाली नगर, लालगंज, कुण्डा, जेठवारा, पट्टी और बाघराय को आवंटित किए गए हैं।पुलिस अधीक्षक का वक्तव्य: रिस्पॉन्स टाइम में आएगी और अधिक कमी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर ने बताया कि इन नवीन वाहनों के बेड़े में शामिल होने से जनपद में ‘इवेन्ट रिस्पॉन्स’ और ‘फुट पेट्रोलिंग’ की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। हमारा लक्ष्य है कि पीड़ित या कॉलर को कम से कम समय में पुलिस सहायता प्राप्त हो सके। ग्रामीण और शहरी, दोनों ही क्षेत्रों में अब पुलिस की पहुंच और भी तेज व सुलभ होगी।उन्होंने आगे कहा कि पुलिसिंग के आधुनिकीकरण की यह प्रक्रिया सतत जारी रहेगी। भविष्य में भी कण्डम या अक्रिय वाहनों को क्रमवार रिप्लेसमेंट योजना के तहत बदला जाएगा ताकि कानून-व्यवस्था और जन-सुरक्षा के मानकों को और ऊँचा उठाया जा सके।।
जन-सुरक्षा और त्वरित सहायता की नई पहल।
इन नवीन वाहनों के संचालन से निम्नलिखित लाभ सुनिश्चित होंगे।त्वरित कार्यवाही: आपातकालीन घटनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई और घटनास्थल पर पुलिस की त्वरित पहुंच।।बेहतर समन्वय: थाना मोबाइल इकाइयों और डायल-112 के बीच बेहतर तालमेल।अपराध नियंत्रण: शहरी व ग्रामीण इलाकों में सघन गश्त से अपराधों पर प्रभावी अंकुश।कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को जनसेवा के प्रति पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य ध्येय जनता को सुरक्षित परिवेश प्रदान करना और आपातकाल में उनके लिए ‘फर्स्ट रेस्पॉन्डर’ की भूमिका को उत्कृष्टता से निभाना है।
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