जांच, उपचार और संदर्भ प्रणाली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया।
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा।
बच्चों की सेहत पर सख्ती: आरबीएसके समीक्षा बैठक में उपायुक्त के कड़े निर्देश 2.19 लाख बच्चों की जांच, योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश, संदर्भ प्रणाली मजबूत करने पर फोकस आरबीएसके की समीक्षा, अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के आदेश
पानीपत, 13 अप्रैल। जिला सचिवालय सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि आरबीएसके जैसी महत्वपूर्ण योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में बीमारियों और विकारों की समय रहते पहचान हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच, उपचार और संदर्भ प्रणाली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि जिले के सभी 418 सरकारी स्कूलों और 1048 आंगनवाड़ी केंद्रों को कवर करते हुए कुल 2,19,805 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई है। इनमें 1,36,252 आंगनवाड़ी और 83,553 स्कूली बच्चे शामिल हैं। इनमें से 113 बच्चों की सर्जरी (शल्य चिकित्सा) भी करवाई जा चुकी है। जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) के तहत 8,748 नए बच्चों ने सेवाएं प्राप्त कीं, जबकि 6,022 मामलों का अनुवर्ती किया गया और 9,959 बच्चों को विभिन्न प्रकार की थेरेपी (चिकित्सीय उपचार) दी गई।
विदित रहे कि बैठक में आरबीएसके की 9 टीमों और 7 वाहनों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई।टीमों की नियमित निगरानी, संदर्भ प्रणाली को मजबूत करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि योजना का उद्देश्य तभी सफल होगा जब हर जरूरतमंद बच्चे तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाते हुए योजना के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, सीएमओ डॉ विजय मलिक, डॉ ललित वर्मा, डीईओ राकेश बूरा के अलावा विभिन्न विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।












