एटा महिला अस्पताल का ऐतिहासिक शिलालेख हटाया गया, प्रशासन मौन
संवाददाता मुकेश कुमार एटा। जनपद के जिला महिला अस्पताल में आज एक ऐसा मामला सामने आया जिसने अस्पताल के ऐतिहासिक महत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 1915 में ब्रिटिश शासन काल में स्थापित इस अस्पताल की पुरातन पहचान दर्शाने वाली शिलालेख पट्टिका को बिना किसी आधिकारिक आदेश के हटा दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त वीडियो/तस्वीरों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के करीबी बताए जा रहे एक संविदा कर्मी ने अस्पताल परिसर में लगे स्थापना वर्ष के चिन्ह को उखाड़ दिया। यह शिलालेख अस्पताल की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक माना जाता था, जिसे इस तरह हटाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई। सूत्रों के अनुसार, उक्त कर्मचारी की पहचान मुकेश यादव के रूप में हुई है, जो अक्सर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह के साथ देखा जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है, जिससे मामले की गंभीरता और भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर आक्रोश है और वे ऐतिहासिक धरोहर से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या अस्पताल की ऐतिहासिक पहचान को फिर से स्थापित किया जाएगा या नहीं।
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