भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता सैयद अहसान अख्तर ने आईआरजीसी द्वारा भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की हालिया घटना पर जताई गहरी चिंता
संवाददाता पवन सूर्यवंशी ग्रेटर नोएडा। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता सैयद अहसान अख्तर ने आईआरजीसी (IRGC) द्वारा भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की हालिया घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सामान्य त्रुटि नहीं, बल्कि एक गंभीर मामला है, जिसने न केवल निर्दोष लोगों के जीवन को खतरे में डाला है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और देशों के बीच विश्वास को भी कमजोर किया है।उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति, स्थिरता और आपसी सम्मान के सिद्धांतों का पालन करता आया है, लेकिन देश की सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सैयद अहसान अख्तर ने ईरान सरकार से मांग की कि इस घटना की तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।उन्होंने यह भी कहा कि भारत कूटनीति और संवाद में विश्वास रखता है, लेकिन यह विश्वास राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा की कीमत पर नहीं हो सकता।सैयद अहसान अख्तर ने जोर देते हुए कहा कि भारतीय मुसलमानों के लिए भी राष्ट्र सर्वोपरि है — उनकी पहली प्राथमिकता भारत है।
उनकी निष्ठा, पहचान और गर्व भारत के साथ है, और वे देश की सुरक्षा एवं एकता के साथ मजबूती से खड़े हैं। अंत में उन्होंने कहा कि “राष्ट्र सर्वोपरि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय की भावना है। देश की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं।राष्ट्र की अखंडता पर कोई समझौता नहीं।
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