राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के प्रमुख शहर गाजियाबाद को आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्व स्तरीय शहरी सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल (GDA)
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के प्रमुख शहर गाजियाबाद को आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय शहरी सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अर्बन चैलेंज फंड (UCF) वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी परियोजनाओं का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल शहर की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है, बल्कि गाजियाबाद को खेल, आवास, यातायात एवं आर्थिक गतिविधियों का एक सशक्त केंद्र बनाना भी है। इसी क्रम में, राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम के विकास का प्रस्ताव रखा गया है, जो उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) एवं GDA के संयुक्त सहयोग से विकसित किया जाएगा। लगभग ₹680 करोड़ लागत की यह परियोजना गाजियाबाद को राष्ट्रीय एवं अंतर राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस स्टेडियम के माध्यम से न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच, IPL एवं अन्य बड़े आयोजन संभव होंगे, बल्कि इससे खेल पर्यटन, रोजगार सृजन और शहर की ब्रांड वैल्यू में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वहीं, वाजीराबाद स्थित तुलसी निकेतन आवासीय योजना के समग्र पुनर्विकास का प्रस्ताव भी शहर के सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है। वर्ष 1989-90 में विकसित यह योजना वर्तमान में जर्जर एवं असुरक्षित स्थिति में पहुंच चुकी है, जिसे ध्यान में रखते हुए लगभग ₹600 करोड़ की लागत से इसका पुनर्विकास प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के निवासियों को सुरक्षित, आधुनिक एवं बेहतर जीवनस्तर प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जा रहा है, साथ ही क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं एवं सार्वजनिक स्थलों का व्यापक उन्नयन भी सुनिश्चित किया जाएगा।शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से GT रोड स्थित चौधरी मोड़ पर लगभग 2 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया है। वर्तमान में यह क्षेत्र भारी यातायात दबाव एवं जाम की समस्या से जूझ रहा है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित होता है बल्कि दुर्घटनाओं और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती है। लगभग ₹200 करोड़ लागत की यह परियोजना यातायात को सुगम बनाकर शहर के प्रमुख मार्गों पर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगी। इसी प्रकार, राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (RDC) में बढ़ती पार्किंग समस्या के समाधान हेतु एक अत्याधुनिक मल्टी-लेवल कार पार्किंग (MLCP) सुविधा का प्रस्ताव किया गया है, जिसकी अनुमानित लागत ₹100 करोड़ है। यह परियोजना न केवल सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग को कम करेगी, बल्कि यातायात को सुचारु बनाने, पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर के समग्र, संतुलित एवं दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक ठोस और प्रभावी रणनीति पर कार्य कर रहा है। खेल अवसंरचना, आवासीय पुनर्विकास, यातायात सुधार एवं शहरी सुविधाओं के उन्नयन का यह समन्वित प्रयास गाजियाबाद को एक आधुनिक, गतिशील और निवेश के लिए आकर्षक शहर के रूप में स्थापित करेगा। इस संबंध में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री नन्द किशोर कालाल, आईएएस ने कहा कि “प्राधिकरण का लक्ष्य गाजियाबाद को न केवल NCR का एक महत्वपूर्ण शहर बनाए रखना है, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित करना है। प्रस्तुत परियोजनाएं शहर के भविष्य को नई दिशा देने वाली हैं और इनके माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।”












