रानीगंज में महिला जन आक्रोश सम्मेलन: नारी सशक्तिकरण और सुरक्षा पर जोर।
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा
प्रतापगढ़।रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के रस्तीपुर स्थित एक मैरिज हॉल में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के परिवहन मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने की, जबकि आयोजन का संयोजन रानीगंज के निवर्तमान विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा द्वारा किया गया।इस अवसर पर महिला जन आक्रोश पदयात्रा एवं महिला जन आक्रोश अभियान के अंतर्गत एक प्रभावशाली प्रेस वार्ता भी आयोजित हुई, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।मुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नारी शक्ति के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाएं सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ रही हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों—कांग्रेस और सपा—के कार्यकाल में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने महिलाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया और केवल वोट बैंक की राजनीति की।वहीं, कार्यक्रम संयोजक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा ने कहा कि रानीगंज विधानसभा में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला जन आक्रोश अभियान के माध्यम से उन शक्तियों के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है जो नारी सम्मान के विरुद्ध कार्य करती हैं।
कार्यक्रम में सदर विधायक राजेंद्र मौर्या, ब्लॉक प्रमुख सत्यम ओझा, भाजपा नेता वरुण प्रताप सिंह, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रुचि केसरवानी, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, जिला उपाध्यक्ष रचना चतुर्वेदी, जिला महामंत्री अंजू पांडे, नगर अध्यक्ष खुशबू गुप्ता, पुष्पा सरोज, वंदना त्रिपाठी, कुसुम कश्यप, तथा जिला सहकारी समिति अध्यक्ष नीरज ओझा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।सम्मेलन में शामिल महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हुए नारी सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान के प्रति अपने संकल्प को दोहराया तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति समर्थन व्यक्त किया।यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव के संकल्प को और अधिक मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।












