दहेज की बलि चढ़ी अर्चना: शादी के दो महीने बाद संदिग्ध हालात में नवविवाहिता की मौत, हत्या का आरोप
रिपोर्ट: धर्मेंद्र चौहान: एटा: थाना सुन्नगढ़ी क्षेत्र के नगला पवल गांव में शुक्रवार को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 23 वर्षीय अर्चना के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज दो महीने पहले 6 मई को कासगंज निवासी भंवर सिंह ने दिल्ली में काम करने वाले युवक शीलेंद्र से की थी।
घटना के वक्त अर्चना अपने ससुराल में थी, जहां उसका शव चारपाई पर मिला। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
मायके वालों का आरोप: लगातार मिल रही थी दहेज के लिए प्रताड़ना
अर्चना के पिता भंवर सिंह ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज को लेकर बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह अर्चना की घरवालों से सामान्य बातचीत हुई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद मौत की सूचना मिली।
अकेली सास और संदिग्ध परिस्थिति
जब मायके पक्ष नगला पवल गांव पहुंचा, तो अर्चना मृत अवस्था में चारपाई पर मिली और घर में केवल उसकी सास मौजूद थी। परिजनों का कहना है कि अगर यह आत्महत्या होती तो फांसी के गहरे निशान गले पर दिखते, लेकिन केवल हल्का सा निशान मिला, जिससे संदेह और गहरा हो गया।
हत्या कर आत्महत्या दर्शाने का शक
अर्चना के चाचा किताब सिंह ने दावा किया कि यह एक सुनियोजित हत्या है। उनके अनुसार, गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
सीओ सिटी अमित कुमार राय ने बताया कि शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ससुराल पक्ष से पूछताछ शुरू कर दी गई है।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज जैसी कुप्रथा की भयावहता को उजागर किया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक बेटियां दहेज की बलि चढ़ती रहेंगी और कब तक समाज इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएगा।
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