रिश्ते खून से नहीं, एहसास से बनते हैं… रक्षाबंधन पर खाकी ने निभाया इंसानियत का रिश्ता, विजय नगर प्रताप विहार, इलाके में,चौकी प्रभारी उमेश कुमार यादव एवं मिशन शक्ति टीम एवं पिंक बूथ की टीम
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर



गाजियाबाद। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां चारों ओर भाई-बहन के प्रेम और अपनत्व का माहौल था, वहीं गाजियाबाद पुलिस के जवानों ने एक बुजुर्ग महिला के लिए मानवता और संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने त्योहार को उनके लिए यादगार बना दिया।
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत थाना विजयनगर की मिशन शक्ति टीम एवं पिंक बूथ की टीम ऑपरेशन डिकॉय के तहत क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान प्रताप विहार चौकी क्षेत्र में चौकी प्रभारी उमेश कुमार यादव एवं पुलिसकर्मियों की नजर सड़क किनारे बैठी एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी।
पुलिसकर्मियों ने महिला के पास जाकर उनका हालचाल जाना। बातचीत में महिला ने अपना नाम नीलम पत्नी बालानंद बताया। उन्होंने बताया कि उनका कोई अपना रिश्तेदार नहीं है। उन्होंने आशीष नाम के एक बच्चे को गोद लेकर ही अपना परिवार बनाया है।पुलिसकर्मियों ने जब महिला से पूछा कि “आज रक्षाबंधन है, आपके हाथ में राखी क्यों नहीं है?” तो उनकी आंखों में नमी आ गई। महिला ने बताया कि उनका बेटा तो है, लेकिन इस बार न तो किसी ने उन्हें राखी बांधी और न ही उनके बेटे की कलाई पर राखी बंधी।त्योहार के दिन घर में सन्नाटा पसरा है।महिला की बात सुनकर पुलिसकर्मियों ने महसूस किया कि वर्दी का रिश्ता केवल कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि जरूरत के समय इंसान के साथ खड़ा होना भी पुलिस का कर्तव्य है।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसी महिला के साथ बैठकर रक्षाबंधन मनाने का निर्णय लिया। एक पुलिसकर्मी के लिए राखी मंगवाई गई। महिला ने पुलिसकर्मी की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें मिठाई खिलाई और उनका आशीर्वाद लिया।मिशन शक्ति टीम ने महिला के गोद लिए बेटे आशीष की सूनी कलाई पर भी राखी बांधकर उसके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया।
इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने परिवार से दूर इस मां-बेटे को अपनेपन का एहसास कराया।यह पूरा दृश्य इस बात का संदेश देता नजर आया कि रिश्ते केवल खून के नहीं होते, बल्कि एहसास, सम्मान और इंसानियत से भी बनते हैं।
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ के आदेशानुसार रक्षाबंधन के पावन पर्व पर थाना विजयनगर प्रभारी धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा किए गए इस मानवीय प्रयास ने खाकी के संवेदनशील चेहरे को सामने रखा।
कभी-कभी किसी के लिए कुछ मिनट निकालना ही उसके पूरे त्योहार को यादगार बना देता है।खाकी वर्दी के पीछे भी एक इंसान होता है… और इंसानियत से बड़ा कोई रिश्ता नहीं।रिश्ते खून से नहीं, एहसास से बनते हैं…ऑपरेशन डिकॉय के तहत थाना विजय नगर मिशन शक्ति प्रभारी अर्जू सिकरवार व उनकी टीम के साथ पिंक बूथ प्रभारी काजल गोस्वामी व प्रताप विहार चौकी प्रभारी उमेश कुमार क्षेत्र











