जनपद में बर्ड फ्लू के रोकथाम हेतु सभागार में, मास्टर ट्रेनर द्वारा दिया गया प्रशिक्षण।
संवाददाता करन कुमार विश्वकर्मा प्रतापगढ़। आपको बता दें कि जनपद प्रतापगढ़ में बर्ड फ्लू के रोकथाम हेतु प्रतापगढ़ सभागार में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया इसके अलावा आपको बताते चलें कि बर्ड फ्लू के रोकथाम हेतु प्रशिक्षण जनपद के समस्त पशु चिकित्साविदों, पशुधन प्रसार अधिकारियों, वेटनरी फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में लखनऊ से प्रशिक्षित डा० राम शब्द उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सदर एंव डा० योगेश कुमार पशुचिकित्साधिकारी किठावर बाजार द्वारा विकास भवन स्थित सभागार में पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक डा० प्रदीप कुमार मुख्य पशुचिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में दिया गया।
इसके साथ ही आपको बता दें कि प्रशिक्षण का उद्देशय इस बीमारी की रोकथाम्, नियंत्रण और प्रबंधन था। प्रशिक्षण में बताया गया कि बर्ड फ्लू जिसे एविएन इनफ्लूएनजा भी कहते है एक संक्रामक वायरल रोग है जो मुख्यता पक्षियों को प्रभावित करता है और पक्षियों से मनुष्य और अन्य जानवरों में भी फैल सकता है।
हालांकि इसके मुख्य लक्षण पक्षियों के पैर, कलगी और गले के नीचे की त्वचा का नीला पड़ना, सांस लेने में तकलीफ और बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत होना है। प्रशिक्षण में जैव सुरक्षा हेतु पोल्ट्री फार्म में काम करने वालों को मास्क, दस्ताने और जूता पहनना चाहिये तथा मरे हुये पक्षियों को खुले में नही फेकना चाहिये उन्हे वैज्ञानिक ढंग से गड्ढे खोद कर दफन करना चाहिये। पोल्ट्री फार्म के अन्दर और बाहर लोगों और वाहनों की आवाजाही को सीमित करना चाहिये।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा० प्रदीप कुमार ने प्रशिक्षण में जनपद के समस्त पोल्ट्री फर्मस से अपील करते हुये कहा है कि उत्तराखण्ड और रामपुर जनपद से पोल्ट्री संबंधी अण्डे, चूजा और अन्य सामग्री का आयात जनपद प्रतापगढ़ में न करें। साथ ही आपको बता दें कि प्रशिक्षण में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा० प्रदीप कुमार ने पशुओं में लम्पी डिजीज के रोकथाम हेतु ब्यापक तैयारी एंव सतत् निगरानी रखने हेतु भी समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को सचेत किया।
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