जिम्मेदारों की अनदेखी से शकरौली पंचायत के विद्यालय बने नरक
संवाददाता – योगेंद्र सिंह. जलेसर विकास खंड की दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत शकरौली के प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत बदतर है। जगह-जगह गंदगी और जलभराव से मासूम विद्यार्थी व शिक्षक नारकीय स्थिति में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
ग्राम पंचायत के महापुर व धर्मपुर मजरे में विद्यालयों के मैदान और शौचालयों तक जाने वाले रास्ते गंदे पानी में डूबे रहते हैं। बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर कक्षाओं तक पहुँचना पड़ता है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है और संक्रामक रोग फैलने लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव और प्रधान ने विकास कार्यों का पैसा हड़प लिया। कागज़ों में दो-दो बार गलियों में इंटरलॉकिंग दिखा दी गई, जबकि धरातल पर आज तक कोई काम नहीं हुआ। दिव्यांग शौचालय निर्माण जैसी मुख्यमंत्री की प्राथमिक योजनाएँ भी अधर में लटकी पड़ी हैं।
विडंबना यह है कि जमीनी हकीकत उजागर होने के बावजूद विभागीय अफसरों ने इस पंचायत को बेहतर विकास कार्यों के लिए पुरस्कृत भी कर दिया। जनता इसे खुला मज़ाक बता रही है।
अब सवाल यह है कि शासन-प्रशासन कब जागेगा और मासूमों को नारकीय हालात से मुक्ति दिलाएगा?
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