एटा : गरीब भूमिहीन व्यक्ति की मौत का जिम्मेदार कौन
संवाददाता योगेंद्र सिंह
तहसील प्रशासन और वन विभाग पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप एटा। तहसील सदर क्षेत्र के गांव सकतपुर में भूमिहीन गरीब व्यक्ति की आत्महत्या का मामला गहराता जा रहा है। मृतक के परिजनों ने तहसील प्रशासन एवं वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों के लगातार दबाव और धमकियों से तंग आकर उनके भाई ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।परिजनों का कहना है कि तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय और वन विभाग के अधिकारियों ने उनके भाई हरि सिंह पर दबाव बनाया। आरोप है कि अधिकारियों ने जेल भिजवाने की धमकी भी दी थी। इसी दबाव में आकर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाला हरि सिंह बीते दिनों फांसी पर झूल गया। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि तहसीलदार और वन विभाग के अधिकारी मकान के खंडहरनुमा निर्माण को लेकर लगातार परेशान कर रहे थे। “मेरे भाई पर झूठा दबाव बनाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। मजबूरी में उसने आत्महत्या कर ली,” भाई ने कहा। ग्रामीणों का कहना है कि हरि सिंह के छोटे-छोटे मासूम बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर इन बच्चों का कसूर क्या है, जिन्हें अब दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज होना पड़ेगा।
ADM एटा से सम्पर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बैठक में व्यस्त होने के चलते उनसे बातचीत नहीं हो सकी।
पूरा मामला तहसील सदर क्षेत्र के गांव सकतपुर का है, जहां अब ग्रामीण प्रशासनिक कार्रवाई की मांग कर रहे है।












