दिवाली के बाद बढ़ा प्रदूषण: एटा में सांस के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा
संवादाता अमन अहमद।
एटा। दिवाली की आतिशबाजी ने जिले की हवा में जहर घोल दिया है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिवाली के बाद से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। बुधवार को वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और ओपीडी में करीब 250 मरीज सांस की तकलीफ से पीड़ित पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार, दिवाली से पहले जहां रोजाना 30 से 35 मरीज सांस से जुड़ी परेशानी लेकर आते थे, वहीं अब यह संख्या कई गुना बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में बुधवार को कुल 1300 से अधिक मरीजों के पर्चे बने, जबकि इमरजेंसी वार्ड में पिछले दो दिनों में 15 मरीजों को भर्ती करना पड़ा है। मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. हर्ष ने बताया कि प्रदूषण के कारण बुजुर्गों और दमा से पीड़ित लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने नागरिकों से मास्क पहनने, घर से अनावश्यक बाहर न निकलने और धूल-धुएं से बचाव करने की अपील की है।
आतिशबाजी से निकले धुएं और खतरनाक तत्वों ने वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे स्वास्थ्य पर इसका दुष्प्रभाव साफ दिखने लगा है।












