एटा में ईद-उल-फितर की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न, अमन-चैन और खुशहाली की मांगी गई दुआ
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
एटा। जनपद में ईद-उल-फितर का पावन पर्व पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। शनिवार की सुबह जैसे ही नमाज का समय हुआ, वैसे ही जिले भर की मस्जिदों और दरगाहों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छोटे-बड़े, बुजुर्ग और युवा सभी ने एक साथ नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। कोतवाली नगर क्षेत्र सहित पूरे जनपद की प्रमुख मस्जिदों और दरगाहों में नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान धार्मिक अनुशासन और सामाजिक एकता की झलक साफ दिखाई दी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं बाजारों में भी ईद की रौनक साफ नजर आई। ईद के इस पावन अवसर पर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, वहीं प्रमुख चौराहों, मस्जिदों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरों से भी गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे पूरे जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनी रही। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने भी विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने नमाज स्थलों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी और एसएसपी ने जनपदवासियों को ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है, जिसे सभी को मिलजुलकर शांति और सद्भाव के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें और समाज में एकता बनाए रखें। कुल मिलाकर, एटा जनपद में ईद का त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और उल्लासपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।












