पीएचसी और विद्यालय पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ़, 29 अगस्त। जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुखपालनगर और प्राथमिक विद्यालय पूरे रायजू का निरीक्षण कर स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। उन्होंने मरीजों और छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली। पीएचसी में महिला चिकित्साधिकारी और विद्यालय में शिक्षकों व विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पीएचसी सुखपालनगर में डीएम ने मरीजों से बातचीत कर उपचार की स्थिति जानी। उन्होंने पूछा कि चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाएं तो नहीं लिखी जा रही हैं। मरीजों ने बताया कि उन्हें बाहर की दवाएं नहीं लिखी जा रही हैं। इसके बाद उन्होंने पर्चा काउंटर का निरीक्षण कर मरीजों की संख्या और पर्चा काटने की समय-सीमा की जानकारी ली। कर्मचारी ने बताया कि अब तक 100 से अधिक मरीजों के पर्चे बनाए जा चुके हैं और अपराह्न दो बजे तक पर्चे काटे जाते हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी डीएम ने इलाज की जानकारी ली। मरीजों ने समय से उपचार मिलने की बात बताई। प्रसव यूनिट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रसव संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली धनराशि के संबंध में बताया गया कि 10 से 15 दिन के भीतर राशि उनके खातों में भेज दी जाती है।
निरीक्षण के दौरान महिला चिकित्साधिकारी डॉ. शिवानी सिंह अनुपस्थित मिलीं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सभी चिकित्सकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके बाद जिलाधिकारी प्राथमिक विद्यालय पूरे रायजू पहुंचे। उन्होंने कक्षाओं में पठन-पाठन की स्थिति देखी और छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई, शिक्षण कार्य एवं विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया। विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की नियमित एवं शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जाए। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया और आंगनबाड़ी कार्यकत्री से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।











