प्रतापगढ़ में MD ड्रग्स का बढ़ता कारोबार, छोटे तस्कर गिरफ्तार बड़े सौदागरों तक कब पहुंचेगी पुलिस।
हर सप्ताह हो रही गिरफ्तारियों के बावजूद नहीं थम रही नशे की सप्लाई, आसपुर देवसरा से फतनपुर तक सक्रिय नेटवर्क पर उठ रहे सवाल
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ़। जिले में MD ड्रग्स का अवैध कारोबार लगातार पैर पसारता नजर आ रहा है। आए दिन तस्करों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी के बावजूद इस काले कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। आसपुर देवसरा, पट्टी, कंधई, दिलीपपुर, रानीगंज और फतनपुर समेत कई थाना क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही गिरफ्तारियां जिले में सक्रिय नशे के नेटवर्क की ओर इशारा कर रही हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की कार्रवाई आखिर छोटे तस्करों तक ही क्यों सीमित रह जा रही है? पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाले बड़े सौदागरों और उनके नेटवर्क तक पुलिस कब पहुंचेगी।
हर सप्ताह तस्करों की गिरफ्तारी के बावजूद MD ड्रग्स की उपलब्धता बनी रहना कई सवाल खड़े करता है। आखिर जिले में नशे की खेप कहां से पहुंच रही है? इसकी सप्लाई कौन कर रहा है? छोटे तस्करों को माल उपलब्ध कराने वाले बड़े कारोबारी कौन हैं? क्या गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की गंभीर कोशिश हो रही है।
दरअसल, नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए केवल बरामदगी और छोटे तस्करों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। पुलिस को सप्लाई चेन, आर्थिक लेन-देन, संदिग्ध संपर्कों और तस्करी से अर्जित संपत्तियों की गहन जांच करनी होगी। साथ ही उन लोगों की पहचान भी जरूरी है, जो पर्दे के पीछे से इस कारोबार को संचालित कर रहे हैं।
लगातार गिरफ्तारियां पुलिस की सक्रियता जरूर दर्शाती हैं, लेकिन असली सफलता तब मानी जाएगी जब नशे के इस कारोबार की जड़ तक पहुंचकर बड़े सप्लायरों और पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई होगी। यदि हर सप्ताह नए तस्कर पकड़े जा रहे हैं, तो यह भी जांच का विषय है कि उनकी जगह नए चेहरे कैसे सामने आ रहे हैं और इस अवैध कारोबार को आर्थिक मदद या संरक्षण कौन दे रहा है।
अब सवाल सिर्फ छोटे तस्करों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि MD ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का है।











