प्रतापगढ़: राजस्व मामलों में लापरवाही पर तहसीलदार अलख शुक्ला निलंबित, अनिल कुमार को नोटिस
जिला संवाददाता प्रतापगढ़। राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। राजस्व परिषद की ओर से प्रदेश के पांच तहसीलदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, जबकि 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इस कार्रवाई में प्रतापगढ़ के तहसीलदार अलख शुक्ला भी शामिल हैं। उन्हें राजस्व मामलों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने के मामले में निलंबित किया गया है।
वहीं, अनिल कुमार, तहसीलदार प्रतापगढ़, को भी राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में अनिल कुमार को कुंडा तहसीलदार नहीं, बल्कि तहसीलदार प्रतापगढ़ के रूप में दर्ज किया गया है।
राजस्व परिषद के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 34 के तहत दाखिल वादों की तहसीलवार और अधिकारीवार समीक्षा की गई थी। समीक्षा में निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
निलंबित किए गए पांच अधिकारियों में प्रतापगढ़ के अलख शुक्ला के अलावा हरदोई के संडीला तहसीलदार अमित यादव, देवरिया के तहसीलदार कृष्ण कुमार मिश्रा, जौनपुर के तहसीलदार सौरभ कुमार तथा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या एवं वर्तमान तहसीलदार गाजीपुर रंजन वर्मा शामिल हैं।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। परिषद ने संकेत दिया है कि लापरवाही और उदासीनता मिलने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।












