बीएसएफ जवान शैलेंद्र सिंह की मौत से गांव में शोक की लहर: राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
संवाददाता धर्मेंद्र चौहान
एटा। निधौली कला थाना क्षेत्र के नगला बंदी गांव के रहने वाले बीएसएफ जवान शैलेंद्र सिंह (35) की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। रविवार दोपहर हुई इस घटना से
पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को बीएसएफ जवानों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ शैलेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। जानकारी के अनुसार, शैलेंद्र सिंह पुत्र महेंद्र सिंह दीपावली के अवसर पर अपने बीमार पिता को देखने के लिए छुट्टी पर घर आए हुए थे। रविवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 2011 में बीएसएफ में हुए थे भर्ती, उड़ीसा में थी तैनाती मृतक जवान शैलेंद्र सिंह वर्ष 2011 में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती उड़ीसा में थी। देश की सेवा में जुटे शैलेंद्र की असमय मौत की खबर से परिवार और गांव में मातम छा गया।
पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
शैलेंद्र अपने पीछे पत्नी सुनीति, 10 वर्षीय बेटी आराध्या और 7 वर्षीय बेटी जया को छोड़ गए हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके पिता महेंद्र सिंह की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। सोमवार को बीएसएफ बटालियन के जवान जब पार्थिव शरीर लेकर नगला बंदी पहुंचे, तो पूरा गांव गम में डूब गया।
हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई
बीएसएफ जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। इस दौरान गांव और आस-पास के क्षेत्रों से हजारों लोग उपस्थित रहे। नायब तहसीलदार सतीश कुमार, क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, थाना प्रभारी जयेंद्र मौर्य सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शैलेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांव में गमगीन माहौल के बीच लोगों ने कहा कि शैलेंद्र जैसे सपूत देश की शान होते हैं, और उनकी कमी हमेशा खलेगी।












