सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कंधई थानाध्यक्ष निलंबित, कई पुलिसकर्मियों के तबादले और कार्रवाई
प्रतापगढ़। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर कंधई थाना प्रभारी गुलाबचंद्र सोनकर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट से फटकार मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने शनिवार की देर रात थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।
दरअसल, कंधई थाना क्षेत्र के निवासी रामसागर तिवारी ने 28 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनका आरोप था कि स्थगन आदेश (Stay Order) के बावजूद SHO गुलाबचंद्र सोनकर ने उन्हें गिरफ्तार कर प्रतापगढ़ जिला न्यायालय में पेश किया। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिखाने पर उनके साथ मारपीट भी की गई।
इस मामले में एडीजी प्रयागराज ने जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी, जिसमें पुष्टि हुई कि SHO और दो दरोगा को आदेश की जानकारी थी, बावजूद इसके उन्होंने गिरफ्तारी की और परिजनों को सूचना भी नहीं दी। इसे गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए 7 नवंबर तक की समय सीमा तय की है और उसी दिन इस पर फैसला भी सुनाया जाएगा।
ऑनलाइन रिश्वत मामला – दरोगा लाइन हाजिर
वहीं, हथिगवां थाने में तैनात दरोगा बनवारी लाल को ऑनलाइन रिश्वत लेने के वायरल स्क्रीनशॉट मामले में लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की गई।पुलिस महकमे में फेरबदल
एसपी दीपक भूकर ने कई थानों में फेरबदल किए हैं—
अनिल कुमार, अपराध निरीक्षक पट्टी कोतवाली, को कंधई थाने का नया प्रभारी बनाया गया।प्रमोद कुमार, निरीक्षक कोतवाली देहात, को लाइन में आमद का आदेश।महिला उपनिरीक्षक दिव्या सिंह को देवसरा से प्रभारी मिशन शक्ति केंद्र अंतू भेजा गया।दरोगा अली अहमद को पुलिस लाइन से रिट सेल,अमर सिंह और अमरनाथ सिंह को मानिकपुर,रामदयाल को कोहड़ौर,अमीरउद्दीन और जशवंत सिंह को अंतू,केशव राम को कोतवाली देहात से मानधाता,और आदित्य पांडेय को सांगीपुर थाना में तैनाती दी गई है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी पर यह कार्रवाई जिले में चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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