मैनपुरी नवीन सब्ज़ी मंडी: किसानों ने खोली सच्चाई, ठेकेदार और दुकानदार बढ़ा रहे मनमाने दाम
संवाददाता: पंकज मिश्रा
मैनपुरी। जिले की नवीन सब्ज़ी मंडी में किसानों द्वारा रोजाना ताज़ी सब्ज़ियाँ उचित दामों पर बेची जाती हैं, लेकिन इस समय मंडी में सब्जियों के दामों को लेकर गंभीर अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। किसानों का कहना है कि वे सब्ज़ी मूल्य दर पर बेचने को मजबूर हैं, जबकि मंडी के ठेकेदार इन्हीं सब्जियों को अधिक रेट में दुकानदारों को बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं। दुकानदार भी सब्ज़ियों के दाम दोगुने करके जनता से वसूल रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
आज के ताज़ा सब्ज़ी रेट (किसान बिक्री दर)
लौकी – ₹20 किलो
तुरई – ₹60 किलो
मूली – ₹15 किलो
कद्दू – ₹20 किलो
शिमला मिर्च – ₹80 किलो
देसी मिर्च – ₹40 किलो
मेथी – ₹55 किलो
सोया/पालक – ₹30 किलो
धनिया – ₹30 किलो
बैंगन – ₹40 किलो
खीरा – ₹40 किलो
चिक सोना – ₹20 किलो
आलू (3797) – ₹20 किलो
अदरक – ₹80 किलो
फूलगोभी – ₹20 प्रति नग
प्याज – ₹20 किलो
लहसुन – ₹80 किलो
शलजम – ₹30 किलो
चुकंदर – ₹30 किलो
टमाटर – ₹80 किलो
गाजर – ₹60 किलो
पपीता – ₹20 किलो
हरा प्याज – ₹20 किलो
अनाज रेट
गेहूं – 32 पॉइंट, ₹24 किलो
मक्का – ₹30, मात्रा 13 किलो
किसानों का आरोप: ठेकेदार ले रहे मोटा कमीशन
किसानों का कहना है कि मंडी में मौजूद ठेकेदार उनसे सस्ते दाम पर माल खरीदकर दुकानदारों को महंगे दाम पर बेचते हैं और बीच में भारी कमीशन वसूलते हैं। यही कारण है कि बाजार में सब्जियों के दाम दोगुने तक पहुँच जाते हैं।
दुकानदार भी महंगी खरीद का हवाला देकर जनता से बढ़ा हुआ दाम वसूलते हैं, जिससे आम जनता ताजी हरी सब्जी खरीदने में असमर्थ हो रही है।
सरकार और प्रशासन पर सवाल
किसानों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से भी खर्च बढ़ा है
सब्जियों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए न सरकार और न ही विभाग कोई ठोस कदम उठा रहे हैं
आयोगों का गठन तो किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही
जनता का कहना है कि सत्ता में बैठे अधिकारी और आयोग केवल कागज़ी कार्यवाही कर रहे हैं, जबकि मंडी में कमीशनखोरी चरम पर है। इससे आम जनता और गरीब परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन के लिए भी आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
जनता की मांग: प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे
स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि
मंडी में ठेकेदारों की कमीशनखोरी पर रोक लगे
वास्तविक मूल्य सूची जारी की जाए
ठेकेदारों और दुकानदारों पर सख्त निगरानी की जाए
किसानों के हित और जनता की सुविधा के लिए प्रशासन को मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता लानी होगी, तभी सब्जी बाजार के बढ़ते दामों पर नियंत्रण संभव होगा












