प्रयागराज पोस्टमार्टम हाउस में बड़ी लापरवाही: बदले-बदले शव, 2 किलोमीटर दूर जाकर खुला सच; हंगामे के बाद सही परिजनों को सौंपे गए दोनों शव
संवाददाता: आलोक मिश्रा
प्रयागराज। जिले के पोस्टमार्टम हाउस में गुरुवार दोपहर बड़ी लापरवाही सामने आई, जब दो शवों की अदला-बदली कर दी गई। फतेहपुर और जौनपुर से आए परिजन गलत शव लेकर वापस लौट गए। करीब दो किलोमीटर दूर पहुँचने पर शक होने पर उन्होंने शव का चेहरा देखा तो पता चला कि वह उनका रिश्तेदार नहीं है। इसके बाद हड़कंप मच गया।
कैसे हुआ पूरा मामला
जौनपुर के मीरगंज सतहरिया निवासी 57 वर्षीय अवधेश कुमार सड़क हादसे में घायल थे और स्वरूपरानी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
वहीं फतेहपुर के खागा निवासी 40 वर्षीय जितेंद्र केसरी, जो रेलवे में गैंगमैन थे, वे दो दिन पहले घायल होने के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ गए थे। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम एक के बाद एक किया गया।
पोस्टमार्टम हाउस स्टाफ की लापरवाही से अवधेश का शव फतेहपुर के परिजनों को और जितेंद्र का शव जौनपुर के परिजनों को सौंप दिया गया। बताया गया कि स्टाफ ने पहचान की सलाह दी थी, लेकिन फतेहपुर से आए लोग बिना चेहरा देखे शव लेकर चले गए।दो किलोमीटर दूर खुला सच
शव सौंपे जाने के करीब 10 मिनट बाद जौनपुर के परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने चादर हटाकर चेहरा देखा। शव बदलने की पुष्टि होते ही उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस स्टाफ को फोन किया। इसके बाद स्टाफ ने तुरंत फतेहपुर वालों को फोनकर वापस बुलाया।
फतेहपुर वाले लोग तब तक करीब दो किलोमीटर दूर जा चुके थे। फोन पर स्टाफ ने कहा—
“जो डेड बॉडी तुम लेकर गए हो, वह तुम्हारी नहीं है, चेहरा देखकर पहचान करो।”
चेहरा देखते ही वे भी चौंक गए और तुरंत वापस लौट आए।
दोनों परिवारों को सौंपे गए सही शव
विवाद बढ़ने पर दोनों परिवार पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे। पहचान सुनिश्चित कराने के बाद सही परिजनों को सही शव सौंपे गए। मामला सामने आने पर हड़कंप मचा रहा।
कर्मचारियों का बचाव
स्टाफ का कहना है कि शव सौंपने से पहले उन्होंने परिजनों से पहचान करने को कहा था, लेकिन फतेहपुर वाले बिना देखे ही शव ले गए।
सीएमओ ने दी सफाई
प्रयागराज के सीएमओ डॉ. ए.के. तिवारी ने कहा—
“परिजनों को पहचानने में कन्फ्यूजन हुआ था। कुछ ही समय बाद सही परिजनों को सही शव दे दिए गए।”
घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और जांच की मांग की जा रही है।












