बाबा हौदेस्वरनाथ धाम में निकली भव्य कलशयात्रा,राजा भइया के मार्गदर्शन में होगी श्रीमद्भागवत कथा, डॉ. श्यामसुंदर ‘पाराशर’ करेंगे वाचन
जिला संवाददाता दैनिक चक्र
अवधेश चंद्र पांडेय
कुंडा प्रतापगढ़। विकास क्षेत्र में मंगलवार को अध्यात्म और भक्ति के रंगों में सराबोर हो उठा, जब शुकुलपुर दिलेरगंज बेंती स्थित बाबा हौदेस्वरनाथ धाम से भव्य कलशयात्रा निकाली गई। यह दिव्य कलशयात्रा 3 दिसम्बर से आरंभ हो रही श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पहले आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कुंडा विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया’ के मार्गदर्शन में आयोजित इस कथा में श्रीधाम वृंदावन के अंतरराष्ट्रीय कथाव्यास डॉ. श्यामसुंदर ‘पाराशर’ जी महाराज अपनी रसप्रद वाणी से भक्तों को दिव्य कथा का अमृतपान कराएंगे।
कलशयात्रा कथा स्थल से आरंभ होकर बाबा हौदेस्वरनाथ धाम तक पहुंची, जहां मुख्य यजमान—आयोजक गुल्लू मिश्रा के माता-पिता ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजन-अर्चन किया। उन्होंने कथा की सफलता, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। यात्रा में महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पारंपरिक पीतांबर परिधान में सिर पर कलश धारण किए महिलाएं भक्ति में लीन होकर आगे बढ़ती रहीं। ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और भजन-संगीत के बीच श्रद्धालुओं की आस्था का अद्भुत संगम यात्रा को और भी भव्य बनाता रहा। मार्गभर भक्त श्रीकृष्ण भक्ति में झूमते नजर आए। कथा स्थल पर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस व प्रशासन सतर्क हैं। अधिकारियों की टीम लगातार स्थल का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित वातावरण देने में जुटी है।
आयोजक गुल्लू मिश्रा ने कलशयात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं, समाजसेवियों व क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “राजा भइया के मार्गदर्शन में यह दिव्य कथा क्षेत्र के लिए सौभाग्य का अवसर है।”
इस पावन अवसर पर कुंडा प्रमुख संतोष सिंह, प्रधान सज्जन शुक्ला, लवलेश तिवारी बउआ, अर्पित, सत्यम मिश्रा नई बाजार, गोलू दादा, विजय पांडेय डीहा, अमित पांडेय, लल्ला तिवारी ढिंगवश, विनीत पांडेय रामनगर, राकेश सिंह भदरी, अनुराग शुक्ला एडवोकेट, अतुल मिश्रा, बबलू मिश्रा सहित अनेक श्रद्धालु व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।












