महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: घरेलू हिंसा पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत, हरियाणा
महिलाओं के विरुद्ध हिंसा किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी—यह संदेश देते हुए जिला उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में घरेलू हिंसा मामलों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
घरेलू हिंसा मामलों में त्वरित कार्रवाई अनिवार्य
उपायुक्त ने कहा कि घरेलू हिंसा की प्रत्येक शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज करते हुए पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, कानूनी सहायता और आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम व्यक्ति को जागरूक करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए गांव स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन
डॉ. दहिया ने बताया कि माननीय न्यायालय के 20 मई 2025 के आदेश के अनुपालन में जिला स्तर मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी वर्ष में दो बार बैठक कर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करेगी।
कमेटी में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, समाज कल्याण, विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास सहित 11 विभागों के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।
विभागों को दिए गए प्रमुख निर्देश
पुलिस विभाग:
घरेलू हिंसा की शिकायत मिलते ही त्वरित FIR दर्ज की जाए।जागरूकता कार्यक्रमों में घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की जानकारी दी जाए।
स्वास्थ्य विभाग:
आशा वर्कर्स और एएनएम के माध्यम से कानून की जानकारी गांव-गांव पहुंचाई जाए। पीड़ित महिलाओं को तुरंत मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
शिक्षा विभाग:
स्कूलों में छात्रों, शिक्षकों और एसएमसी सदस्यों को अधिनियम के बारे में जागरूक किया जाए। पंचायत, समाज कल्याण, आईटीआई, नेहरू युवा केंद्र, विधिक सेवा प्राधिकरण: गांवों और संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। सभी संबंधित जानकारियाँ संरक्षण अधिकारी के साथ साझा करें।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी समन्वय को मजबूत बनाते हुए पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता और न्याय उपलब्ध कराएं।बैठक में सीजेएम (डीएलएसए) वर्षा शर्मा, सीएमओ विजय मलिक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीईओ राकेश बूरा, डीएसडब्ल्यू जयपान सिंह, डीएसपी ज्योति, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता, डब्ल्यूसीडी सुरेश सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।












