मानवाधिकार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित ‘खुद जागो और दूसरों को भी जगाओ‘‘- डॉ रणजीत सिंह
दैनिक चक्र जिला संवाददाता
अवधेश चंद्र पांडेय
कुंडा प्रतापगढ़। दिव्य ज्योति सेवा संस्थान भुपियामऊ द्वारा मानवाधिकार जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कालाकांकर के जनवामऊ गॉव में किया गया। संस्थान के अध्यक्ष डॉ रणजीत सिंह ने कहा कि हमें मानव होने के नाते जो अधिकार मिले हैं, उसे मानवाधिकार कहते हैं, यह वो अधिकार हैं जो मानव को जन्म मिलते ही प्राप्त होते हैं वैसे तो समाज में भाषा, रंग, जाति के आधार पर कई भेदभाव हैं लेकिन इन सबके बावजूद भी कई अनिवार्यताएं सम्पूर्ण समाज में समान हैं और यही अनिवार्यतायें ही मानव अधिकार हैं। हमें जीवन जीने और स्वतंत्रता का अधिकार, समानता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, भोजन, वस्त्र और आवास का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धर्म की स्वतंत्रता, शोषण के विरूद्ध अधिकार, न्याय पाने अधिकार, स्वास्थ, सम्मान, गरिमा और सुरक्षित जीने का अधिकार प्राप्त है।
संस्थान के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मनीश सिंह ने कहा कि आज के समाज में अधिक से अधिक लोगों के शिक्षित होने के बावजूद ऐसे करोड़ों लोग हैं जो खुद के अधिकारों और विशेषाधिकारों के बारे में नहीं जानते हैं ऐसे लोगों में जागरूकता लाने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के द्वारा इस हर वर्ष 10 दिसम्बर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। मानवाधिकार कोई दया या कृपा नहीं है यह हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकर है, चाहे वह गरीब हो या अमीर, शिक्षित या अशिक्षित, स्त्री हो या पुरूष, बालक हो या बृद्ध हर इंसान को समान अधिकार प्राप्त है। लेकिन साथियों आज भी हमारे समाज में बाल श्रम हो रहा है, महिलाओं के साथ अत्यार हो रहे हैं, गरीबों को न्याय नहीं मिल पाता है और कमजोर वर्गों का शोषण किया जाता है। यह केवल कानून की समस्या नहीं है यह हम सबकी सोच की समस्या है। हमारे संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने कहा था कि ‘‘किसी समाज की प्रगति इस बात से मापी जाती है कि वहॉ सबसे कमजोर व्यक्ति को कितना न्याय मिला।‘‘
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ अवधेश कुमार सिंह ने मानवाधिकार के प्रकार के बारें में विस्तापर्वूक बताते हुए कहा हमें केवल अपने अधिकारों की बात नहीं करनी है, हमें दूसरों के अधिकारों का सम्मान भी करना है। यदि हम चाहते हैं कि हमारा समाज सशक्त बने तो हमें मानवाधिकारों को घर-घर, गॉव-गॉव और मन-म नतक पहुॅचाना होगा। आज मैं इस मंच से अपील करता हॅू कि बालश्रम के खिलाफ आवाज उठाइये, महिलाओं का सम्मान कीजिए, गरीब और कमजोर की मदद कीजिए, अन्याय के विरूद्ध चुप मत रहिए। याद रखिये जहॉ मानवाधिकार सुरक्षित होते हैं, वहीं सच्चा लोकतंत्र जीवित रहता है।
कार्यक्रम समापन अवसर पर दिव्य ज्योति संस्थान के अध्यक्ष डॉ रणजीत सिंह ने मानवाधिकारों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर कई प्रबुद्ध नागरिक, किसान, कृषि वैज्ञानिक, चिकित्सक एवं सामान्य नागरिकों ने भाग लिया। मुख्य रूप से ठाकुर दल बहादुर सिंह, नीलकमल श्रीवास्तव, आदित्य सिंह, संजय तिवारी, संदीप सिंह, प्रेम नारायण शुक्ला, धर्मराज मिश्रा, कीर्ति यादव, अक्षिता मौर्या, प्रेमा देवी, तुलसी पटेल, रामकिंकर विश्वकर्मा, हेमराज सरोज, अल्पना देवी, शमशुल इस्लाम, निसार बानो, रूखसार बानो आदि लोग उपस्थित रहे।












