बाल विवाह मुक्त फतेहपुर का ऐलान! पॉक्सो से लेकर बाल श्रम तक सख्त पहरा, लापरवाही वालों पर नो माफी
संवाददाता बृजेन्द्र मौर्य
फतेहपुर। पुलिस लाइन स्थित सभागार में सोमवार को विशेष किशोर पुलिस इकाई की मासिक समीक्षा बैठक बाल अधिकारों की सुरक्षा को लेकर निर्णायक साबित हुई। क्षेत्राधिकारी ब्रज मोहन राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में बच्चों के संरक्षण, बाल विवाह उन्मूलन और पॉक्सो एक्ट के प्रभावी अनुपालन पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद साहू ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए बच्चों के हित में समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया। भारत सरकार के 100 दिवसीय बाल विवाह उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
पॉक्सो एक्ट में लापरवाही नहीं चलेगी—बैठक में स्पष्ट किया गया कि यौन अपराधों से जुड़े मामलों में कानून का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा। चाइल्ड हेल्पलाइन और समग्र शिक्षा अभियान के प्रयासों की सराहना की गई, जबकि बाल श्रमिकों के रेस्क्यू अभियान में ढिलाई पर श्रम विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की गई। निर्देश दिए गए कि रेस्क्यू किए गए बच्चों को तत्काल समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
भिक्षावृत्ति रोकथाम और कोटपा एक्ट को लेकर भी अधिकारियों को जागरूक किया गया। बैठक के समापन पर निरीक्षक संजय पाण्डेय ने उपस्थित सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को बाल विवाह मुक्त जनपद बनाने की शपथ दिलाई।
बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई, एएचटीयू (AHTU), वन स्टॉप सेंटर के प्रतिनिधि तथा जनपद के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
बाल अधिकारों की रक्षा को लेकर इस बैठक को प्रशासनिक स्तर पर एक मजबूत और निर्णायक कदम माना जा रहा है।












