महाराणा प्रताप की वर्णिता संस्था ने मनाई पुण्यतिथि
संवाददाता पवन सूर्यवंशी सुमेरपुर,हमीरपुर।वर्णिता संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने शौर्य और साहस के साक्षी महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप सच्चे अर्थों में मां भारती के एक बेजोड़ सूरमा थे। मुगलकाल में देश के प्रति इनके योगदान को विस्मृत नहीं किया जा सकता है।
इनका जन्म नौ मई 1540 को उदय सिंह एवं जयवन्ताबाई के घर हुआ था। इन्होंने जीवनान्त मुगलों से लोहा लिया।
उन्होंने मुगल शासक अकबर से जंग लड़ी, लेकिन कभी हार स्वीकार नहीं की और न अकबर से पराजित हुए। राजस्थान में युद्ध के दौरान घायल हो गये थे। कालांतर में इनका 19 जनवरी 1597 को इनका निधन हो गया।
इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिन्स, रिचा, महावीर प्रजापति, रामनारायन सोनकर, विकास, भोलू सिंह, रामबाबू, सतेन्द्र और राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।












