संभल हिं.सा मामले में पुलिस और कोर्ट में टकराव की स्थिति बन गई है.संभल की सीजेएम कोर्ट ने हिंसा में मृत आलम केश पर 12 पुलिसकर्मी पर FIR मांग

संभल हिं.सा मामले में पुलिस और कोर्ट में टकराव की स्थिति बन गई है.संभल की सीजेएम कोर्ट ने हिंसा में मृत आलम केश पर 12 पुलिसकर्मी पर FIR मांग

संवाददाता पवन सूर्यवंशी संभल

संभल हिंसा मामले में पुलिस और कोर्ट में टकराव की स्थिति बन गई है…संभल की सीजेएम कोर्ट ने हिंसा के दौरान मारे गए बिस्किट विक्रेता आलम के मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है…उधर संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई सही थी। इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी… घटना 24 नवंबर 2024 को हुई थी जब संभल में हिंसा हुई और बिस्किट विक्रेता आलम को तीन गोलियां लगीं। आलम के पिता यामिन का कहना है कि बेटा बिस्किट बेचने के लिए घर से निकला था। शाही जामा मस्जिद इलाके में पहुंचने पर पुलिस ने उसे गोली मार दी… उन्होंने कोर्ट में दिए गए प्रार्थनापत्र में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और संभल कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 12 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया है। सीजेएम कोर्ट ने सभी पुलिस अफसर और पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अनुज चौधरी का प्रमोशन हो चुका है और वो डिप्टी एसपी से एएसपी बन चुके हैं। वर्तमान में वो फिरोजाबाद जिले में तैनात हैं। संभल के एसपी का कहना है सीजेएम कोर्ट ने सभी पुलिस और पुलिसकर्मियों। जो घायल हुए हैं उन पर मोन धारण। ऐसा नहीं है कि यह मामला किसी ने भी लाइव न देखा हो या न्यूज़ के माध्यम से ना देखा हो सीजेएम कोर्ट मामले से अनभिज्ञय हो। जनता का तो सब यही कहना है हालात को काबू में करने के लिए कुछ अन्य फैसले लिए जाते हैं सिस्टम में जान माल का खतरा सभी को था।

कि इस मामले में ज्यूडिशल इंक्वायरी हो चुकी है और उसमें भी पुलिस को क्लीन चिट मिल चुकी है..

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