- डीएम के तहसील कुण्डा के सघन निरीक्षण से अधिकारियों-कर्मचारियों में मचा हड़कंप,
- तहसीलदार कुण्डा के कार्यो में अनियमितता मिलने पर डीएम ने विभागीय कार्रवाई करने का दिया निर्देश
- डीएम ने प्राथमिक विद्यालय राजापुर का किया औचक निरीक्षण, पठन-पाठन की ली जानकारी
संवाददाता अवधेश चंद्र पांडेय प्रतापगढ़:- जनपद में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने मंगलवार को तहसील कुण्डा का सघन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील के समस्त पटलों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों तथा न्यायालयीन कार्यों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने विभिन्न धाराओं में लंबित राजस्व पत्रावलियों, भूलेख पटल, खतौनी कक्ष, पट्टा रजिस्टर, आय एवं जाति प्रमाण पत्र पटल, नजारत, रिकॉर्ड रूम एवं न्यायालय से संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण किया। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई पत्रावलियाँ वर्षों से लंबित रखी गई हैं, जिनका समयबद्ध निस्तारण नहीं किया गया है।

इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कुण्डा को निर्देशित किया कि सभी लंबित राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने तहसीलदार कुण्डा न्यायालय का निरीक्षण किया, जहां दाखिल-खारिज से संबंधित लंबित पत्रावलियों की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक कमियां सामने आईं। अनेक फाइलों में प्रार्थना पत्र संलग्न नहीं थे, कुछ मामलों में लेखपाल के बयान दर्ज हो जाने के बावजूद आदेश टाइप कर महीनों से लंबित पड़े थे, जबकि कई पत्रावलियों में लेखपाल के हस्ताक्षर तक नहीं पाए गए। इसके अलावा, कई वादों में वादकारियों को अंतिम अवसर दिए जाने के बावजूद भी निर्णय नहीं लिया गया था, कुछ पत्रावलियों में वादकारियों के सादे कागज पर हस्ताक्षर पाए जाने को जिलाधिकारी ने अत्यंत गंभीर विषय बताया, इन अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार कुण्डा के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायालयीन कार्यों में लापरवाही, अनियमितता और पारदर्शिता की कमी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में समयबद्धता एवं निष्पक्षता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का नैतिक और प्रशासनिक दायित्व है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में उपस्थित अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों एवं फरियादियों से भी संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु उन्होंने उपजिलाधिकारी कुण्डा को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के इस सघन निरीक्षण से तहसील के अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक कार्यों में सुधार की दिशा में सख्त संदेश गया।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ने विकास खंड बाबागंज अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय राजापुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तथा कक्षाओं में जाकर बच्चों से पठन-पाठन से संबंधित प्रश्न पूछे। बच्चों द्वारा प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दिए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें मिठाई वितरित कर प्रोत्साहित किया।
उन्होंने विद्यालय में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की तथा भोजन की स्वच्छता एवं पोषण स्तर बनाए रखने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंप से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता ठीक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बाबागंज को तत्काल हैंडपंप की पाइप की सफाई कराकर उसी दिन अवगत कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
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