एटा में बैंक मैनेजर पर हमले का मामला उलझा: फायरिंग-लूट का आरोप, पुलिस ने बताया प्रधानी विवाद से जुड़ा।
संवादाता अमन अहमद। एटा जिले के थाना जसरथपुर क्षेत्र में बैंक मैनेजर पर कथित फायरिंग, मारपीट और लूट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। एक ओर बैंक मैनेजर ने सात लोगों पर जानलेवा हमला करने और लैपटॉप लूटने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए इसे गांव की प्रधानी रंजिश से जोड़कर देखा है। दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
बैंक मैनेजर का आरोप: रास्ता रोककर फायरिंग, कार में तोड़फोड़
ग्राम गणपतिपुर बढ़ापुर निवासी बैंक मैनेजर भानू प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे वह अपने भतीजे के साथ कार से एटा स्थित बैंक जा रहे थे। आरोप है कि घर से करीब 200 मीटर दूर पहले से घात लगाए बैठे सात लोगों ने उनकी कार रोक ली।
पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान भानू प्रताप के सिर में चोट आई, जबकि भतीजे के हाथ में चोट लगी। आरोप है कि हमलावरों ने कार के शीशे तोड़ दिए और वाहन में रखा लैपटॉप भी लूट ले गए।
15 दिन पहले भी हुआ था विवाद
घायल बैंक मैनेजर का कहना है कि करीब 15 दिन पहले भी आरोपियों से उनकी मारपीट हुई थी, जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने जसरथपुर थाने में दी थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित का दावा है कि उन्होंने पहले ही पुलिस को आगाह किया था कि उनके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती है, लेकिन शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया।
थाने से उम्मीद नहीं, सीओ से की शिकायत भानू प्रताप ने बताया कि घटना के बाद उन्हें स्थानीय थाने से कोई उम्मीद नहीं थी, इसलिए उन्होंने सीधे क्षेत्राधिकारी अलीगंज से शिकायत की। सीओ ने उन्हें निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आरोपी पक्ष का पलटवार
वहीं आरोपी पक्ष के राघवेंद्र सिंह उर्फ रघु ने घटना को एकतरफा बताते हुए उल्टा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 17 फरवरी की सुबह वह अपने रिश्तेदार शिवकुमार को लेने महाराजपुर चौराहे पहुंचे थे, जहां भानू प्रताप, संदीप और कुलदीप डंडा व तमंचा लेकर घात लगाए बैठे थे।
राघवेंद्र के अनुसार इन लोगों ने उनके साथ मारपीट की और गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। बीच-बचाव में आए शिवकुमार के सिर में भी चोट आई।
पुराने विवाद की कड़ी
आरोपी पक्ष का दावा है कि 23 दिसंबर 2025 को भी उन पर हमला हुआ था, जिसकी शिकायत थाने में दी गई थी, लेकिन तब भी कार्रवाई नहीं हुई। इस बार उन्होंने मेडिकल कराने के बाद एसएसपी एटा को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी है।
पुलिस का बयान
अलीगंज क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि चिकित्सकीय रिपोर्ट, मौके से मिले साक्ष्य और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला गांव के प्रधानी विवाद और आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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