ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध का असर: तेल-गैस के दामों में उछाल, महंगाई की मार बढ़ने की आशंका
संवाददाता: संतोष यादव, उज्जैन |
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज 11वां दिन है। इस बीच ईरान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह अपने देश से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देगा। ईरान के इस रुख का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। भारत समेत कई देशों में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तेल और गैस की कीमतों में अचानक आई इस तेजी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार महज एक दिन में ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग ₹25 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जो ईंधन पहले करीब ₹115 प्रति लीटर मिल रहा था, वह अब बढ़कर लगभग ₹135 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार में सिलेंडरों की कमी के चलते ब्लैक मार्केटिंग भी तेजी से बढ़ रही है। पहले जो सिलेंडर लगभग ₹950 में मिल रहा था, वह अब करीब दोगुनी कीमत यानी ₹1800 तक में बेचा जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिन लोगों ने 20 दिन पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी, उन्हें भी अभी तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रदेश सरकार और निजी गैस एजेंसियों का दावा है कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसके बावजूद बाजार में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे महंगाई का असर आमजन के जीवन पर और अधिक पड़ने की संभावना है।












