आज प्रदेश भर में दशा माता की पूजा अर्चना की जा रही है।
संवाददाता संतोष यादव उज्जैन।
माना जाता है की प्राचीनतम समय से ही माता सती के रूप को ही दशा माता का अवतार माना गया है इससे जुड़ी कथा ही जो माता बहने आज के दिन व्रत रखती हैं दीपक जलती हैं पूजा अर्चना करती हैं और दशा माता की कथा सुनती हैं। माना जाता है की कथा सुनने से परिवार में सुख समृद्धि और स्वस्थ तथा शुभ फल प्राप्त होता है। यह व्रत चैत्र माह की दशमी तिथि के दिन किया जाता है। तिथि दशमी अर्थात इसे ही दशा माता के रूप में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त होता है इस व्रत से ग्रह दशा भी परिवर्तन में आती है। इस दिन प्राचीन बट या पीपल वृक्ष की पूजा की मान्यता मानी गई है।












