राष्ट्रीय लोक अदालत में 339411 वादों का निस्तारण
संवाददाता जय भगवान मथुरा
आज दिनांक 14.03.2026 दिन ,शनिवार को जनपद न्यायालय मथुरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा श्री विकास कुमार द्वारा की गई। इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण श्री राजेश चौधरी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मथुरा सुश्री प्रीति श्रीवास्तव, जिलाधिकारी श्री चन्द्रप्रकाश सिंह, अपर जिला जज श्री रामकिशोर पाण्डेय, श्री अजय पाल सिंह, नोडल अधिकारी श्री अरविन्द कुमार यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री उत्सव गौरव राज, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे श्री सूर्यभान कुमार वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अनीता सिंह, बार एसोसिएशन मथुरा के अध्यक्ष श्री राघवेन्द्र सिंह, सचिव श्री मनोज कुमार शर्मा सहित बार के समस्त पदाधिकारी, समस्त न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, बैंक/मोबाइल/फाइनेंस कम्पनियों के अधिकारी, वादकारी, पराविधिक स्वयंसेवक, मध्यस्थगण, पैनल लॉयर्स, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, विधि छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश श्री विकास कुमार द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट, तहसील स्तर पर कुल 402766 वाद निस्तारण हेतु नियत किये गये, जिनमें से 339411 वादों का निस्तारण किया गया। श्री विकास कुमार, जनपद न्यायाधीश, मथुरा द्वारा 01 फौजदारी वाद, 01 चेक बाउन्स वाद, 01 सिविल वाद तथा 23 अन्य वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में श्री राजेश चौधरी, पीठासीन अधिकारी, मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण, मथुरा द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों से सम्बन्धित 169 वादों का निस्तारण कर मु० 19,67,57,500/- रुपये की प्रतिकर राशि पीड़ित पक्षकारों को दिलाये जाने के आदेश पारित किये गये तथा 09 प्रकीर्ण वादों का निस्तारण किया गया। सुश्री प्रीति श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, मथुरा द्वारा 24 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, मथुरा श्री विनय कुमार द्वारा 23 वादों का निस्तारण किया गया। वैवाहिक वादों से सम्बन्धित गठित पीठ द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रार्थनापत्रों में 02 प्रार्थनापत्रों का निस्तारण किया गया। फौजदारी न्यायालयों द्वारा फौजदारी से सम्बन्धित 31988 वादों का निस्तारण कर मु० 6,86,000/- रुपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। चेक बाउन्स के वादों से सम्बन्धित 1681 वादों का निस्तारण कर मु० 2,76,58,126/- रुपये का भुगतान पक्षकारों को करने के आदेश पारित किये गये। 71 व्यावहारिक वाद, 142 विद्युत अधिनियम वाद, 322 विद्युत अधिनियम अंतिम आख्या, 159 अंतिम आख्या, 16 उपभोक्ता फोरम वाद तथा 363 अन्य प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, मोबाइल कम्पनियों द्वारा निस्तारण हेतु लगाये गये प्री-लिटिगेशन वादों में 1800 वादों का निस्तारण कर 10,16,03,901/- रुपये वसूल किये गये। राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित बैंकों/मोबाइल व फाइनेंस कम्पनियों की स्टॉलों पर जनपद न्यायाधीश द्वारा जाकर पक्षकारों को व्यक्तिगत रूप से सुना गया तथा पक्षकारों के मामलों केनिस्तारण हेतु उपस्थित बैंक अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिये गये। जिला व तहसील स्तर पर स्थापित प्रशासनिक न्यायालयों/विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 302616 वादों का निस्तारण किया गया। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला कारागार, मथुरा के सहयोग से जिला कारागार मथुरा में निरूद्ध बन्दियों द्वारा निर्मित ठाकुर जी की पोशाक, ठाकुर जी के मुकुट, हथकरधा की साड़ी, हथकरधा के गमछे, हथकरधा की टॉवल,हथकरधा की धोती दुपट्टा, हथकरधा के शर्ट के कपड़े, विभिन्न प्रकार के बैग्स, एल०ई०डी० बल्ब आदि उत्पादों की स्टॉल प्रदर्शन व बिक्री हेतु जनपद न्यायालय परिसर में लगाई गई। इस स्टॉल पर समस्त न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, वादकारियों आदि द्वारा आवश्यकतानुसार उक्त सामग्री क्रय की गई।राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल संचालन असिस्टेन्ट लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री राहुल अग्रवाल द्वारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के अंत में सिविल जज (सी०डि०)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा श्रीमती अनीता सिंह द्वारा उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया गया।












