उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन 2.0 का आगाज़, अब हर घर नल से जल ही नहीं, शुद्धता और स्थायित्व पर होगा जोर
संवाददाता बिपिन मिश्रा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को अब एक नई और आधुनिक रफ्तार मिलने जा रही है। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जो प्रदेश की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। योजना का पहला चरण घरों तक पाइपलाइन पहुंचाने पर केंद्रित था, लेकिन नया चरण यानी मिशन 2.0 स्थायित्व और बेहतर प्रबंधन पर आधारित है। सरकार का लक्ष्य अब यह सुनिश्चित करना है कि पानी न केवल पहुंचे, बल्कि वह निरंतर आता रहे और उसकी गुणवत्ता उच्च श्रेणी की हो। अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण और प्रबंधन पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। समझौते के बाद परियोजनाओं की बाधाएं दूर होंगी, जिससे पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने के काम में पहले से ज्यादा गति आएगी। मिशन 2.0 के तहत जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने पर ध्यान दिया जाएगा ताकि भविष्य में पानी की किल्लत न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की टंकियों और पाइपलाइनों के रखरखाव के लिए नई तकनीक और स्थानीय भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।
जल जीवन मिशन 2.0 सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य और स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल पानी की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत होगा। इस समझौते के बाद यूपी के उन सुदूर गांवों में भी शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी जहाँ अब तक काम पेंडिंग था। साथ ही, जल प्रबंधन की नई प्रणालियों से पानी की बर्बादी रुकेगी और हर घर को 24×7 स्वच्छ जल मिलने की राह आसान होगी।












