प्रतापगढ़ में भूमाफियाओं की अजब लीला।।
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ
सरकारी अभिलेखों में तनहा नाम होने के बावजूद उसकी भूमधरी भूमि पर गुंडई के बल पर जबरन कब्जा करने की योजना बनाते लोग।। भूस्वामी संतोष कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ से शिकायती पत्र देकर अपनी भूमिधरी भूमि पर गुंडई के बल पर जबरन कब्जा कर लेने की लगाई है, गुहार। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पैतृक भूमि पर जबर्दस्ती किया जा रहा है, कब्जा। दिलीपपुर पुलिस बनी मूकदर्शक। थाना- दिलीपपुर अन्तर्गत सराय गनई निवासी सन्तोष कुमार सिंह एसपी प्रतापगढ़ को प्रार्थनापत्र देकर अपने नाम की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किये जाने की गुहार जनसुनवाई में लगायी है। जिसमें एसपी साहब शीघ्र करवाई के लिए आश्वासन दिया गया।। वहीं थाना प्रभारी दिलीपपुर बलराम सिंह पर पीड़ित संतोष कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि थाना में दिनभर दलाल किस्म के लोग जमघट लगाए रहते हैं। दिलीपपुर पुलिस के पास उनके विपक्षी वकालत के नाम अधिक पैठ बनाकर न्यायिक कार्रवाई से रोक रहा है। थाने की पुलिस भी राजस्व अभिलेखों तथा तेज-तर्रार इमानदार पुलिस अधीक्षक के आदेश का पालन नहीं करा रही है। एसपी प्रतापगढ़ दीपक भूकर की ईमानदार छवि पर दिलीपपुर थानाध्यक्ष बलराम सिंह कालिख पोतने का कार्य कर रहे हैं। देखना होगा कि थानाध्यक्ष बलराम सिंह पर एसपी प्रतापगढ़ दीपक भूकर क्या कार्रवाई करते हैं।। जबकि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी का स्पष्ट आदेश है कि गुंडई और सरहंगई के बल पर किसी की भूमि पर कोई भूमाफिया कब्जा न करे। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भूमाफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश जारी है। फिर भी दिलीपपुर पुलिस भूमाफियाओं और जमीन कब्जाने वालों को संरक्षण देती नजर आ रही है। क्योंकि संतोष कुमार सिंह के तनहा खाते में जब कोई हिस्सेदार नहीं है तो किस अधिकार से कोई भूमाफिया उनकी पैतृक भूमि पर कब्जा कर सकता है ? बिना पुलिस की मदद से ये कार्य कर पाना सम्भव नहीं है।।












