एटा में पराली जलाने से 14 बीघा गेहूं की फसल राख, चार किसान प्रभावित
संवाददाता योगेन्द्र सिंह एटा जनपद के जैथरा विकास खंड स्थित नगला नारायण गांव में मंगलवार सुबह एक बड़ी लापरवाही भारी पड़ गई। पराली जलाने के चलते चार किसानों की करीब 14 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। घटना सुबह लगभग 11 बजे की बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी संजय पुत्र मास्टर सिंह ने अपनी लगभग 15 बीघा गेहूं की फसल कटवाने के बाद खेत में पराली जलाई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पड़ोस के खेतों में फैल गई, जिससे अन्य किसानों की फसल इसकी चपेट में आ गई।
पीड़ित किसान अजीत पुत्र मकरंद ने बताया कि इस आगजनी में चार किसानों की फसल बर्बाद हो गई। नुकसान का विवरण इस प्रकार है—
मकरंद सिंह पुत्र प्रेम सिंह की 4 बीघा में से 3 बीघा
जितेंद्र पुत्र महाराज सिंह (नगला मोहन) की 6 बीघा में से 3 बीघा
राम खिलाड़ी पुत्र गंगा सिंह (नगला नारायण) की 5 बीघा में से 4 बीघा
छोटे सिंह पुत्र गंगा सिंह की 4 बीघा गेहूं की पूरी फसल जलकर राख हो गई
अजीत ने बताया कि घटना के समय वह स्वयं अपने खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। आग लगते ही उन्होंने तुरंत दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
गौरतलब है कि हाल ही में जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह द्वारा 4 अप्रैल को ही पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद किसानों द्वारा नियमों की अनदेखी कर पराली जलाना न सिर्फ पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है, बल्कि इस तरह की घटनाएं बड़े आर्थिक नुकसान का कारण भी बन रही हैं।
प्रशासन से पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग की है।












