मैनपुरी में दिव्यांग परिवार पर जानलेवा हमला, गर्भवती महिला पर बर्बरता — कई घायल, गांव में दहशत
संवादाता: पंकज मिश्रा
मैनपुरी। जनपद के थाना बिछवां क्षेत्र के नगला कोट गांव में गुरुवार शाम दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गेहूं की कटाई कर रहे एक दिव्यांग परिवार पर गांव के ही दबंगों ने संगठित होकर हमला बोल दिया। इस हमले में गर्भवती महिला समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पीड़िता केतकी देवी के अनुसार 15 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5 बजे वह अपने पति कृपाल सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत में गेहूं की कटाई कर रही थीं। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते नामजद आरोपी—गोविंद, गिरीश, बल्ले, थान सिंह, चक्रेश, सोनू, भगवान सिंह, नरेश, कृष्णा और उमेश सहित कई लोग लाठी-डंडे, फावड़ा और चाकू जैसे घातक हथियार लेकर मौके पर पहुंचे और हमला कर दिया।
हमले की भयावह तस्वीर
हमलावरों ने आते ही “जान से खत्म कर दो” के नारे लगाते हुए पूरे परिवार को निशाना बनाया।
केतकी देवी का हाथ फ्रैक्चर हो गया
पुत्र प्रमोद के सिर पर धारदार हथियार से वार, हालत गंभीर
पुत्री पूजा के पैर में चाकू मारकर घायल किया गया
गर्भवती महिला पर बर्बरता
बताया गया कि हमलावरों ने 5 माह की गर्भवती महिला होशियारी को जमीन पर गिराकर उसके पेट पर लातें मारीं। इस क्रूर हमले से उसे गंभीर चोटें आई हैं और गर्भस्थ शिशु की जान पर खतरा बताया जा रहा है।
दिव्यांग होने पर भी नहीं बख्शा
पीड़िता और उसका पति दोनों दिव्यांग हैं, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटा और घसीटा। जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी“आज तो बच गए, अगली बार पुलिस को बताया तो पूरे परिवार को जिंदा जला देंगे।”
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 7 अप्रैल 2026 को पहले हुई घटना में उल्टा विकलांग पीड़िता और उसके पुत्र प्रमोद पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। अब इस नई घटना के बाद परिवार ने थाना बिछवां में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, गर्भवती महिला पर हमला और दिव्यांग उत्पीड़न जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। घटना के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
बड़ा सवाल: क्या पुलिस इस संवेदनशील मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई करेगी या पीड़ित परिवार को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ेगा?












