गंगा एक्सप्रेसवे से मिलेगी बड़ी राहत, रूट डायवर्जन का झंझट खत्म, बचेगा 100 किमी का सफर
संवाददाता बिपिन मिश्रा
उत्तर प्रदेश,
दशहरा और गंगा स्नान के पावन पर्व पर गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं और आम वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे के चलते इस बार न तो लोगों को घंटों लंबे जाम में जूझना पड़ेगा और न ही भारी रूट डायवर्जन की मार झेलनी पड़ेगी। एक्सप्रेसवे के सुचारू होने से वाहन चालकों का करीब 100 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कम हो जाएगा। जाम और लंबे डायवर्जन से मुक्ति आमतौर पर दशहरा और मुख्य गंगा स्नान के अवसरों पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे (NH-9) पर स्थित ब्रजघाट में भारी भीड़ के कारण वाहनों की एंट्री बंद कर दी जाती थी। इसके चलते ट्रैफिक को मुरादाबाद, बरेली या अन्य वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाता था, जिससे वाहन चालकों को 100 किलोमीटर से भी ज्यादा का चक्कर लगाना पड़ता था। लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। गंगा एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल से दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर ब्रजघाट में पाबंदी होने के बावजूद वाहन बिना किसी रुकावट के धड़ल्ले से अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से से न सिर्फ श्रद्धालुओं को फायदा होगा, बल्कि लंबी दूरी तय करने वाले मुसाफिरों का समय और ईंधन दोनों बचेगा। प्रयागराज-लखनऊ, इस रूट पर चलने वाले यात्रियों का सफर बेहद तेज और आरामदायक हो जाएगा। वेस्ट यूपी के इन प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ने वाली कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इन रूटों पर ट्रैफिक का दबाव बेहद कम हो जाएगा। त्योहारों के सीजन में मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद और बरेली मंडलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को संभालना एक बड़ी चुनौती होता था। मीलों लंबा जाम और डायवर्जन प्लान लागू करना सिरदर्द बना रहता था। लेकिन इस बार गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में एक बेहतरीन विकल्प मिलने से प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह टेंशन-फ्री नजर आ रहे हैं। इस बार गंगा स्नान पर श्रद्धालुओं को जाम की नहीं, बल्कि रफ्तार और सुगमता की सौगात मिलने जा रही है। लाखों लोगों का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और सुहाना होगा।












