कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी के दो बड़े आरोपी PIT-NDPS एक्ट में निरुद्ध, गाजियाबाद में 10 साल की पहली कार्रवाई गाजियाबाद।
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की अपराध शाखा ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में शामिल दो आरोपियों विभोर राणा और विशाल सिंह के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट, 1988 के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई की है। इस कानून के तहत दोनों आरोपियों को 12 माह तक निरुद्ध रखा जा सकता है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर महोदय जे० रविन्द्र गौड़ द्वारा चलाएं गए ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत एडिशनल कमिश्नर श्री राजकरन नैय्यर के पर्यवेक्षण में डीसीपी श्री धवल जायसवाल हिंडन ट्रांस एवं नगर के नेतृत्व में संयुक्त एसीपी एवं पुलिस टीम द्वारा,PIT-NDPS ACT 1988 के अन्तर्गत अभियुक्तगण विभोर राणा व विशाल सिंह की निरूद्धि के सम्बन्ध में। यह मामला 3/4 नवंबर 2025 की रात थाना नंदग्राम क्षेत्र में की गई बड़ी कार्रवाई से जुड़ा है। उस दौरान पुलिस ने मेरठ रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम से चार ट्रकों में लदी 1,150 पेटी कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद की थी। बरामदगी में 850 पेटी एस्कफ (Eskuf) और 300 पेटी फेंसिडिल (Phensydyl) कफ सिरप शामिल थीं। मौके से एक कार, 10 मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी मोहरें भी बरामद की गई थीं।
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर विभोर राणा और विशाल सिंह की संलिप्तता सामने आई। दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि दोनों लंबे समय से कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में सक्रिय रहे हैं और इनके विरुद्ध पहले से भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आशंका जताई कि जमानत मिलने के बाद दोनों दोबारा इस प्रकार के अपराध कर सकते हैं। इसी को देखते हुए उनके खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अधिकारियों के मुताबिक, गाजियाबाद में पिछले 10 वर्षों के दौरान इस अधिनियम के तहत यह पहली कार्रवाई है। पुलिस ने यह भी बताया कि इससे पहले आरोपियों की लगभग 15 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(ई) एवं 68(एफ) के तहत फ्रीज किया जा चुका है।












