आम जिन्दगी से बेहतर जीवन की ओर बढ़ते कदम ”सफलता की कहानी”पशुपालन पालन विभाग के सहयोग से नेशनल लाइवस्टॉक मिशन योजना का मिला लाभ: मोहम्मद सलमान
बकरी पालन यूनिट (500 मादा, 25 नर) की स्थापना की, जिसमें 50 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई: मोहम्मद सलमान
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर
गाजियाबाद।दिनांक: 08 जुलाई 2026 उत्तर प्रदेश के जनपद गाज़ियाबाद के ग्राम तोड़ी 13 बिस्वा, विकास खंड भोजपुर के मोहम्मद सलमान ने पारंपरिक बकरी पालन को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनाकर सफल व्यवसाय बनाया है। उनके फार्म में 500 से अधिक सिरोही, बरबरी, जखराना नस्ल की बकरियां हैं, जो बेहतर दूध और मीट उत्पादन के लिए जानी जाती हैं। इन नस्लों का चयन बाजार की मांग को ध्यान में रखकर किया गया है, जिससे उत्पादन और बिक्री दोनों में लगातार अच्छा लाभ मिल रहा है। मोहम्मद सलमान ने संतुलित आहार, स्वास्थ्य जांच और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर ध्यान देकर बकरियों की उत्पादकता बढ़ाई उनका फार्म न केवल उन्हें आर्थिक लाभ दे रहा है, बल्कि आसपास के किसानों और युवाओं को भी स्वरोजगार और आय का अवसर प्रदान कर रहा है। कहते हैं कि मेहनत, सही सोच और लगन से किया गया काम कभी बेकार नहीं जाता पारंपरिक बकरी पालन को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनाकर उन्होंने न केवल अपनी अलग पहचान बनाई है, बल्कि बकरी पालन से सालाना लाखों रुपये की कमाई भी कर रहे हैं। उन्होंने बकरी पालन को सिर्फ परंपरागत काम न मानकर इसे एक सफल व्यवसाय के रूप में विकसित किया है। 500 से अधिक बकरियों का कर रहे हैं पालन परिवार से चर्चा करने पर उन्हें आधुनिक तकनीक से बकरी पालन करने की सलाह मिली। इसके बाद उन्होंने बकरी पालन का कार्य शुरू किया। मोहम्मद सलमान ने वर्ष 2023-24 में पशुपालन पालन विभाग जनपद गाज़ियाबाद के सहयोग से भारत सरकार की नेशनल लाइवस्टॉक मिशन योजना में बकरी पालन यूनिट (500 मादा, 25 नर) की स्थापना की, जिसमे उनको 50 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। जिससे वे आम जिन्दगी से बेहतर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
वैज्ञानिक तरीके से कर रहे हैं बकरी पालन
मोहम्मद सलमान ने बताया कि उनके फार्म पर बकरियों की देखरेख पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से की जाती है। संतुलित आहार, स्वच्छ वातावरण और नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हर बकरी से प्रतिदिन एक से डेढ़ किलो तक दूध प्राप्त किया जाता है। दूध उत्पादन के साथ-साथ बकरियों और बकरों की बिक्री से भी फार्म को अच्छा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि बकरियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे वे बीमार नहीं पड़तीं और उत्पादन प्रभावित नहीं होता।
स्वरोजगार का सशक्त साधन बना बकरी पालन
बकरी पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। मोहम्मद सलमान का यह फार्म न केवल उन्हें रोजगार दे रहा है, बल्कि आस-पास के किसानों और पशुपालकों को भी बकरी पालन के लिए प्रेरित कर रहा है। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने गांव में ही काम करने का अवसर मिल रहा है और किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। मोहम्मद सलमान द्वारा संचालित यह बकरी फार्म इस बात का प्रमाण है कि यदि परंपरागत पशुपालन को आधुनिक सोच, सही नस्ल चयन और वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ किया जाए, तो यह रोजगार और आय का मजबूत आधार बन सकता है।












